जैसा कि आपको पता ही है कि भारत में ज्यादातर लोग विटामिन डी की कमी की समस्या से गुजर रहे हैं। आपको बता दें कि हाल ही में CRIER और ANVKA फाउंडेशन ने एक अध्ययन किया, जिसमें पता चला कि भारत में हर पांचवां भारतीय विटामिन डी की कमी से पीड़ित है। वहीं, अध्ययन का कहना है कि महिलाओं में विटामिन डी की कमी पुरुषों की तुलना में ज्यादा है।
विटामिन डी कम होने की वजह
ये तो साफ है कि भारत में सूरज की रोशनी की कोई कमी नहीं है पर इसके बावजूद भी लोगों में विटामिन डी की कमी पाई गई है। इसके पीछे बहुत से कारण हैं, जैसे कि ज्यादातर घरों के अंदर रहना, साथ ही ऑफिस में घंटों स्क्रीन के सामने काम करते रहना, इन वजहों से विटामिन डी कमी हो सकता है।
कमी के नुकसान
आपको बता दें कि विटामिन डी की कमी का असर सिर्फ हड्डियों पर ही नहीं बल्कि शरीर के कई हिस्सों पर पड़ता है। विटामिन डी की कमी होती है तो मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं, थकान, अवसाद (डिप्रेशन) और मूड में उतार-चढ़ाव हो सकता है। वहीं, इसकी कमी से हार्ट डिजीज, डायबिटीज का रिस्क भी बढ़ जाता है।
डाइट में शामिल करें ये चीज़ें
विटामिन डी को पूरी करने के लिए अपनी डाइट में मछली, अंडे, दूध, दही का शामिल करें। विटामिन डी के लिए मशरूम का सेवन बहुत बढ़िया है। साथ ही अपनी डाइट में सी फूड शामिल करें। फलों में संतरा अच्छा है।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले डॉक्टर या एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें।
