एक्ट्रेस शेफाली जरीवाला के कार्डियक अरेस्ट से निधन की खबर के बाद हर कोई चौंक गए हैं। वह सिर्फ 42 साल की थी और बहुत ही फिट थी लेकिन उनकी मौत के कारण को अभी पुष्टि नहीं हुई है लेकिन शुरुआती रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि उनको अचानक कार्डियक अरेस्ट आया था।
आखिर क्या होता है कार्डियक अरेस्ट?
अमेरिका के मेडिकल सेंटर क्लीवलैंड क्लीनिक की एक रिपोर्ट के अनुसार, अचानक कार्डियक अरेस्ट एक एमरजेंसी कंडीशन होती है जिसमें दिल की धड़कन अचानक बंद हो जाती है। कार्डियक अरेस्ट सिर्फ बुजुर्गों को ही नहीं बल्कि किसी भी उम्र के व्यक्ति को आ सकता है हालांकि 30 से कम उम्र के व्यक्ति में कार्डियक अरेस्ट होने की संभावना कम होती है लेकिन पिछले कुछ समय से हमारे सामने ऐसी खबरें भी सामने आई है जिसमें भारत में बच्चों में सडन कार्डियक अरेस्ट देखा गया है।

मरीज की बच जाएगी जान
यदि किसी के परिवार में ऐसी कंडीशन हो तो भी इसका खतरा ज्यादा होता है। दिल संबंध रोग से जूझ रहे लोगों को इसका ज्यादा खतरा रहता है। कार्डियक अरेस्ट आने के पहले ही शरीर अक्सर हल्के संकेत देता है जिसको समय रहते ही पहचान लिया जाए तो मरीज की जान बच जाएगी।
महिलाओं में इस वजह से बढ़ रहा है खतरा
एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, 5 साल की उम्र के बच्चों में भी कार्डियक अरेस्ट जैसी गंभीर समस्या आई है जो दिल संबंधी के प्रति सभी लोगों को अलर्ट करती है। अमेरिका के PubMed Central (PMC) जर्नल में प्रकाशित 2017 के एक अध्ययन के मुताबिक, हार्ट डिजीज अमेरिका में महिलाओं में मौत का मुख्य कारण है जो सभी आयु वर्गों की महिलाओं को प्रभावित करता है। भारत में भी महिलाओं की मौतों की बड़ी वजहों में एक हृदय रोग शामिल है।
दिखते हैं ऐसे लक्षण
बेहोश होने से पहले ही मरीज में कार्डियक अरेस्ट के कुछ लक्षण दिखते हैं जैसे
. सीने में दर्द
. मतली और उल्टी
. सांस फूलना
कारण
कार्डियक अरेस्ट आने से पहले असामान्य तौर पर एब्नॉर्मल इंपल्सेस आपके दिल की धड़कन शुरु करने वाले नॉर्मल इंपल्सेस को ओवराइड कर देते हैं जिसके कारण हार्ट बीट एब्नॉर्मल हो जाती है और कार्डियक अरेस्ट का कारण बनती है। जब ऐसा होता है तो आपका दिल भी रक्त पंप नहीं कर पाता। जब आपका दिल नहीं धड़क रहा होता तो आपके शरीर के बाकी हिस्सों में ऑक्सीजन पहुंचाने वाले खून का कोई रास्ता ही नहीं बचता जिसमें यदि मरीज को कुछ मिनटों में इलाज न मरे तो वह मर सकता है।
इस वजह से होती है हार्ट बीट में दिक्कत
. कार्डियोमायोपैथी
. किसी बीमारी के लिए दवाईयों का सेवन
. हार्ट अटैक
. हार्ट फेल होना
. कोकेन जैसे ड्रग्स खाना
. लॉन्ग क्यूटी सिंड्रोम
. गंभीर बीमारी या चोट जिसमें बहुत ज्यादा खून बहना
हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट में अंतर
हार्ट अटैक उस समय होता है जब दिल में किसी हिस्से में ब्लड फ्लो यानी की रक्त का प्रवाह रुक जाए। इसका अर्थ है कि हृदय की मांसपेशियों को पर्याप्त ऑक्सीजन न मिल पाना जिसके कारण दिल का कोई भी हिस्सा क्षतिग्रस्त हो सकता है या मर भी सकता है। वहीं कार्डियक अरेस्ट एक इलेक्ट्रिक्ल इश्यू है जो उस समय होता है जब दिल अचानक से धड़कना बंद कर देता है। इससे शरीर और मस्तिष्ट में ब्लड फ्लो रुक जाता है और तुरंत इलाज न मिलने के कारण कुछ ही मिनटों में जान पर भी बन सकती है।

