सिडनी स्टोनर जो कि अमेरिका की रहने वाली है। 27 साल की उम्र में स्टेज 4 के कोलन कैंसर से पीड़ित थीं। जब उन्हें बीमारी के बारे में पता चला तो उन्होंने इसके इलाज के लिए बहुत सफर किया। महीनों तक उनके पेट में तेज दर्द, दस्त और कब्ज जैसी समस्याएं रहती थीं, पर जब उनकी हालत काम के दौरान अचानक बिगड़ी और दर्द के कारण गिर पड़ी तब उन्हें डॉक्टर के पास ले जाया गया।

लक्षणों को किया नजरअंदाज
लक्षणों को नजरअंदाज कर डॉक्टर ने ये कह दिया कि अभी वो जवान है, इसलिए उन्हें कोई गंभीर बीमारी नहीं हो सकती। जिसके बाद 2019 में उन्हें इरिटेबल बाउल सिंड्रोम (IBS) का निदान हुआ, जो एक सामान्य पाचन रोग है, लेकिन स्टोनर को विश्वास था कि उसके लक्षण कुछ और ही हैं। अब उनके लक्षण और दर्द बढ़ने लगे, तो उन्होंने डॉक्टरों से अपने लक्षणों को लेकर झूठ बोलने का फैसला किया। फिर उन्हें कोलोनोस्कोपी के लिए भेजा गया और उन्हें चौथे चरण का कोलन कैंसर होने का पता चला।
कैंसर की पहचान होने में हुई देर
उन्होंने बताया लोकल मीडिया से बातचीत में बताया कि कई सालों से उन्हें पेट में दर्द, दस्त और कब्ज की समस्या थी और लोग कहते थे कि ये मासिक धर्म से जुड़ी समस्याएं हैं। पर वे जानती थी कि ये इतना दर्दनाक नहीं हो सकता। फिर डॉक्टर से बात की तो उन्होंने बताया कि ये IBS हो सकता है।
झूठ का सहारा
बार-बार डॉक्टरों से मदद लेने की कोशिश करने पर भी उन्हें कोई रिजल्ट नहीं मिला तो उन्होंने आखिर में झूठ बोला कि उनके मल में खून आ रहा है। फिर उन्हें कोलोनोस्कोपी के लिए भेजा गया। जिसके बाद पता चला कि उन्हें कोलन कैंसर है, जो चौथे स्टेज पर है और फेफड़ों तक फैल गया है।
वैसे आपको बता दें कि स्टोनर का कैंसर स्टेबल है, इसका मतलब ये हुआ कि न तो ट्यूमर बढ़ रहा है, ना ही सिकुड़ रहा है और न ही कोई नया ट्यूमर बना रहा है। जिस कारण उन्होंने अब तक 24 राउंड की कीमोथेरेपी ली है और 2023 में लिवर से कैंसर के ट्यूमर को हटा दिया गया।
खुद की समझदारी आई काम
उनका कहना है कि अगर डॉक्टरों ने उसके लक्षणों को पहले गंभीरता से लिया होता तो शायद उनका कैंसर ज्यादा फैलता न। उन्हें बहुत गुस्सा आता है कि डॉक्टरों ने लक्षणों को नजरअंदाज किया और सही समय पर टेस्ट के लिए नहीं भेजा। लेकिन अब वे लोगों से अपील करती हैं कि वे अपने लक्षणों को नजरअंदाज न करें और हमेशा खुद के लिए आवाज उठाए।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले डॉक्टर या एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें।
