एंग्जायटी शरीर में होने वाला नैचुरल रिस्पॉन्स हैं। यह स्ट्रेस को लेकर अलर्ट करता है। इसमें आपका दिमाग जल्द से जल्द परेशान से बाहर आने का रास्ता ढूंढता है हालांकि जब यह लगातार या ज्यादा हो तो यह एक मेंटल डिसऑर्डर में बदल जाता है। इसके कारण नींद की समस्या, मांसपेशियों में स्ट्रेस, पाचन संबंधी दिक्कतें, चिड़चिड़ापन, ध्यान लगाने में कठिनाई और पैनिक अटैक जैसे लक्षण भी बढ़ सकते हैं। एक स्टडी की मानें तो भारत में करीबन 88% लोग किसी न किसी तरह की एंग्जायटी डिसऑर्डर से जूझ रहे हैं।
इस तरह दूर करें अपनी एंग्जायटी
साइकोलॉजिस्ट के अनुसार, करीबन हर व्यक्ति किसी न किसी तरह की चिंता से जूझ रहा है। यह आम है लेकिन स्ट्रेस एंग्जायटी में न बदले इसके लिए ध्यान देने और जरुरत के अनुसार, कुछ उपाय जरुर करने चाहिए। कुछ लोगों में समय के साथ-साथ एंग्जायटी के लक्षण और भी ज्यादा होते जाते हैं ऐसे में इससे छुटकारा पाने के लिए आपको दवाईयों और देखभाल की जरुरत पड़ सकती है। एंग्जायटी से राहत पाने के लिए शुरुआत आप दवाईयों से न करें आप कुछ नैचुरल उपाय इस्तेमाल करके आपको दिमाग को रिलैक्स करने में मदद मिलेगी। हर्बल सप्लीमेंट्स और लाइफस्टाइल में बदलाव करके आप इससे राहत पा सकते हैं।
3-3-3 रुल आएगा काम
चिंतित विचार आपके उसी ओर जाएंगे जिन्हें हम कंट्रोल नहीं कर सकते लेकिन आप अगर अपने वर्तमान पर ध्यान लगाएंगे तो चिंता कम करने में मदद मिलेगी। इसके लिए आप 3-3-3 रुल इस्तेमाल कर सकते हैं। इसमें आपको तीन चीजों पर फोकस करना पड़ेगा एक जो आप देख सकते हैं, एक जो आप सुन सकते हैं और एक जिसे आप छू सकते हैं। खुद को यह याद करवाएं कि आप कहां पर हैं और उसी पर ध्यान दें जिसको आप कंट्रोल कर सकते हैं।
मैग्नीशियम ज्यादा लें
यह एक ऐसा मिनरल है जो आपका स्ट्रेस कम करेगा। कुछ लोग इसकी कमी से भी ग्रस्त होते हैं। यदि आपके शरीर को पूरी मात्रा में मैग्नीशियम न मिले तो थकान और इम्यूनिटी पॉवर में कमी आएगी। यदि आपको खाने से पूरा मैग्नीशियम नहीं मिल रहा तो डॉक्टर की सलाह से आप सप्लीमेंट्स ले सकते हैं।
गहरी सांसें ले
यदि आप गहरी सांस लेंगे तो भी आप मानसिक और शारीरिक तौर पर शांत रहेंगे। 2023 की स्टडी के मुताबिक, यदि आप ब्रीदिंग एक्सरसाइज करेंगे तो पैनिक अटैक कंट्रोल रहेंगे। जब भी आपको एंग्जायटी हो तो हर दिन कुछ देर आराम से बैठें और फिर गहरी सांस लेने की कोशिश करें।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले डॉक्टर या एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें।
