सोरायसिस एक ऐसी समस्या है जो कि त्वचा से जुड़ी हुई है। इसको आप अच्छी डाइट और लाइफस्टाइल के साथ कंट्रोल कर सकते हैं। इसके कारण आपकी त्वचा सूखी, मोटी और पपड़ीदार दिखती है। यह ऑटोइम्यून डिजीज ही होती है जिसके कारण स्किन में खुजली और दर्द हो सकती है। इसमें आपका इम्यून सिस्टम खुद ही हेल्दी सेल्स को खत्म करने लग जाता है। इसके कारण रैशेज होते हैं जो ज्यादातर घुटनों, कोहनी, पीठ, स्कैल्प और पैरों में ही ज्यादा दिखते हैं। यदि इस समस्या को कंट्रोल में न रखा जाए तो स्थिति और भी खराब हो सकती है। ऐसे में यदि आप हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाएंगे तो इसको मैनेज कर सकते हैं। सोरायसिस में आपकी मॉर्निंग रुटीन भी बहुत जरुरी होती है। यदि आप हेल्दी मॉर्निंग रुटीन फॉलो करेंगे तो सोरायसिस मैनेज रहेगा। तो चलिए आपको बताते हैं कि सोरायसिस में आपकी मॉर्निंग रुटीन कैसी होनी चाहिए।
एक्सरसाइज
इसमें एक्सरसाइज करना जरुरी होता है। यदि आप एक्सरसाइज करेंगे तो सोरायसिस बिगड़ेगा नहीं और हार्ट डिजीज का खतरा भी कम होगा। यह आपका कंडीशन कंट्रोल रखने में भी मदद करेगा इसलिए सुबह उठकर कुछ देर के लिए एक्सरसाइज जरुर करें। वॉक, योगा या फिर कुछ लाइट एक्सरसाइज आप कर सकते हैं।

स्किन का रखें ध्यान
इसमें आपको अपनी स्किन का भी ध्यान रखना चाहिए। अगर आप स्किन पर कोई प्रोडक्ट इस्तेमाल करना चाहते हैं तो डॉक्टर की सलाह पर ही करें। इसके अलावा नहाने के बाद भी बॉडी को मॉइश्चराइज भी जरुर करें। नहाने के बाद स्किन को कोल्ड कंप्रेस करें। इससे रैशेज का खतरा कम होगा। सोरायसिस की दवाई भी जरुर इस्तेमाल करें इससे रैशेज कंट्रोल रहेगी। इसके अलावा सनस्क्रीन भी लगाएं। यदि धूप नहीं है फिर भी सनस्क्रीन जरुर लगाएं। त्वचा को हाइड्रेट रखने के लिए ऑयल लगाएं। स्किन इरिटेशन दूर करने के लिए माइल्ड साबुन बेहतरीन रहेगा। यदि लंबे समय तक आपको सोरायसिस हुई तो ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और थायराइड जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं।
कच्ची हल्दी से बना पानी
यह समस्या स्किन इंफेक्शन के कारण होती है। ऐसे में इससे राहत पाने के लिए आप कच्ची हल्दी का पानी पी सकते हैं। इससे इंफ्लेमेशन कम होगी। कच्ची हल्दी में एंटीइंफ्लेमेटरी गुण मौजूद होते हैं। यह आपके शरीर में नैचुरली इंफ्लेमेशन को कम करेंगे। सुबह खाली पेट आप कच्ची हल्दी से बना पानी पी सकते हैं।
डाइट का रखें ध्यान
सोरायसिस को कंट्रोल करने के लिए अपनी डाइट पर फोकस करें। डाइट में एंटीइंफ्लेमेटरी फूड्स शामिल करें ताकि आपको एलर्जी न हो। इसके अलावा बैलेंस्ड डाइट लें ताकि शरीर को सारे न्यूट्रिएंट्स मिल पाएं। डाइट में ओमेगा-3 फैटी एसिड से युक्त फूड्स अलसी के बीज, अखरोट शामिल करें। ताजे फल और सब्जियां खाएं इनमें पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर की इंफ्लेमेशन कम करेंगे। इसके अलावा डाइट में विटामिन-डी और कैल्शियम ज्यादा लें।
ब्रीदिंग एक्सरसाइज
इस दौरान आपके लिए तनाव मैनेज करना मुश्किल होता है। कुछ लोगों के लिए स्ट्रेस भी खतरा बढ़ा सकता है। ऐसे में आप ब्रीदिंग एक्सरसाइज करें। इससे तनाव कंट्रोल रहेगा। इसके अलावा दिमाग और शरीर दोनों ही रिलैक्स्ड रहेंगे।

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले डॉक्टर या एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें।
