कुछ लोगों को बार-बार शीशा देखने की आदत होती है हालांकि आप शायद यह न जानते हो कि यह एक गंभीर बीमारी हो सकती है। इसके कारण आपको बॉडी डिस्मॉर्फिक डिसऑर्डर हो सकता है। यह एक मेंटल हेल्थ से जुड़ी समस्या है जिसके कारण आप अपनी पहचान को लेकर ही टेंशन में आ जाते हैं। इतना ही नहीं आप बार-बार शीशा देखकर अपनी खामियां ढूंढने लगते हैं लेकिन यह समस्या क्यों होती है और इसके कारण क्या है। आपको इस बारे में बताते हं।
दिमाग से जुड़ी बीमारी
बार-बार शीशा देखना एक खास डिसऑर्डर के कारण हो सकता है। एक्सपर्ट्स के अनुसार, यदि आप बार-बार अपना शरीर शीशे में देखते हैं तो यह दिमाग से जुड़ी मानसिक बीमारी हो सकती है। इस बीमारी को स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर कहते हैं। कुछ लोग अपनी स्किन को बार-बार शीशे में देखते हैं, खींचने के साथ-साथ चिकोटी काटकर देखते हैं, बार-बार अपने हाथों में बाल फेरना, नोचना या उन्हें तोड़ना भी एक खास डिसऑर्डर हो सकता है।

लक्षण
बार-बार शीशा देखने से आपके खुद के अंदर एक नेगेटिव सोच बनती है। यह मानसिक बीमारी का कारण बन सकती है। ऐसे में आप धीरे-धीरे लोगों से भी दूर जाने लगते हैं। स्कूल जाना कम कर सकते हैं, पार्टियों में जाने से कतरा सकते हैं, परिवार और दोस्तों से धीरे-धीरे दूर होने लगते हैं क्योंकि उन्हें लगने लगता है कि उनमें शारीरिक तौर पर कई खामिया हैं। कई बार तो यह समस्या इतनी बढ़ जाती है कि लोग प्लास्टिक सर्जरी करवा लेते हैं। Gstatic के अनुसार, भारत में हर साल करीबन 10 लाख लोग इस बीमारी से जूझते हैं।

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
