अर्थराइटिस एक ऐसी बीमारी है जो बढ़ती उम्र के कारण ही लोगों को होती है परंतु आजकल के अनहेल्दी लाइफस्टाइल के कारण यह बीमारी युवा लोगों को भी घेर रही है। छोटी उम्र में युवाओं को जोड़ों में दर्द और सूजन रहती है। ऐसे में यदि सही समय पर बीमारी का इलाज न करवाया जाए तो आपको डेली रुटीन के काम करने में भी दिक्कत आ सकती है। युवाओं में दो तरह की अर्थराइटिस होती हैं रुमेटाइड और ऑस्टियोअर्थराइटिस। इसके लक्षण धीरे-धीरे दिखते हैं जिसके कारण कई बार समय रहते लक्षणों की पहचान भी नहीं हो पाती। आज आपको इस आर्टिकल के जरिए कुछ ऐसे लक्षण बताते हैं जो कि अर्थराइटिस होने पर युवाओं में दिखते हैं।
जोड़ों में सूजन रहना
इसके कारण आपके जोड़ों में सूजन हो सकती है। सूजन के कारण आपको जोड़ों में लालगी, गर्माहट या फिर चोट लगने जैसे लक्षण दिख सकते हैं। सूजन के कारण जोड़ों का आकार भी बिगड़ सकता है और आपको चलने में दिक्कत हो सकती है।

थकान और कमजोरी रहना
अर्थराइटिस के कारण शरीर में सूजन और दर्द होती है। इसकी वजह से भी आपको थकान और कमजोरी महसूस हो सकती है। यह स्थिति आपकी शारीरिक क्षमता पर भी असर डालेगी जिसके कारण आप जल्दी थकान महसूस करेंगे।
जोड़ों में से आवाज
अगर आपके जोड़ों में से आवाज आ रही है या दर्द महसूस हो तो यह भी अर्थराइटिस का ही मुख्य लक्षण है। सुबह के समय ज्यादा दर्द आपको हो सकता है। खासतौर पर घुटनों, हाथों और कंधों में ऐसा दर्द हो सकता है।
त्वचा पर रैशेज होना
रुमेटाइड अर्थराइटिस के कारण आपके त्वचा पर रैशेज भी हो सकते हैं। ये रैशेज वैसे आपके जोड़ों के आस-पास ही होंगे। इनके कारण आपकी त्वचा लाल हो सकती है और खुजली भी हो सकती है। त्वचा पर रैशेज शरीर में इंफ्लेमेटरी प्रतिक्रिया के कारण हो सकते हैं।
जोड़ों में अकड़न और दर्द
इसके कारण आपके जोड़ों में अकड़न और दर्द भी हो सकती है। अर्थराइटिस के कारण जोड़ों को हिलाने या फिर घुमाने में भी दिक्कत होगी। यह दर्द सुबह के समय ज्यादा हो सकती है। इसके कारण चलने, उठने या फिर किसी चीज को उठाने में भी आपको दिक्कत हो सकती है।

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले डॉक्टर या एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें।
