ब्रेन में ट्यूमर बनना एक बेहद गंभीर स्थिति है। यह तब बनती है जब मस्तिष्क में कोशिकाएं डीएनए बदल लेती हैं। बाद में यही कोशिकाएं जब असामान्य तौर पर बढ़ने लगती हैं तो ट्यूमर का निर्माण होता है। कुछ जेनेटिकल कारणों से भी दिमाग में बहुत ज्यादा कोशिकाएं उत्पन्न होती है। मेडिकल स्कैन या फिर किसी मेडिकल स्थिति के संपर्क में आने से भी ब्रेन ट्यूमर का खतरा बढ़ सकता है। शरीर के अन्य भागों में फैलने वाले कैंसर जैसे फेफड़े का कैंसर, स्तन का कैंसर, गुर्दे और मेलेनोमा जैसे कैंसर भी दिमाग में फैल सकते हैं जो बाद में ट्यूमर का जोखिम बढ़ाते हैं।
ब्रेन ट्यूमर के लक्षण
यह ट्यूमर कोशिकाएं जैसे बढ़ती हैं तो इनके कारण जान का खतरा भी हो सकता है। ब्रेन ट्यूमर के कारण शरीर में कई और बीमारियां भी हो सकती हैं जैसे बोलने में दिक्कत, पैरालिसिस आदि। इस बीमारी के मरीजों को सिर में तेज दर्द के साथ चक्कर आएंगे। इसके अलावा थकान, मतली, उल्टी, सुनने और बोलने में दिक्कत, हाथ और पैर सुन्न होना, धुंधला नजर आना जैसे लक्षण दिख सकते हैं।

इस वजह से होते हैं कारण
डॉक्टरों की मानें तो कई बार ऐसा होता है कुछ लोगों में ब्रेन ट्यूमर के कोई भी लक्षण नहीं दिखते हालांकि कुछ लोगों में इसके खतरनाक लक्षण दिखते हैं। ब्रेन ट्यूमर के कुछ ऐसे लक्षण भी होते हैं जिन्हें हम लोग छोटी-मोटी दिक्कत समझ लेते हैं। तो चलिए आज आपको कुछ ऐसे कारण बताते हैं जिस वजह से ब्रेन ट्यूमर का खतरा रहता है।
कैमिकल पदार्थ
यदि आप कीटनाशक, रबर या विनाइल क्लोराइड, तेल उत्पादों और कुछ इंडस्ट्रियल कंपाउंड जैसे कैमिकल पदार्थ के अगर आप संपर्क में आएंगे तो भी ब्रेन ट्यूमर का खतरा रहता है।
बढ़ती उम्र
वैसे तो यह किसी भी उम्र में हो सकता है लेकिन जैसे-जैसे मनुष्य बड़ा होता है ब्रेन ट्यूमर के साथ-साथ कैंसर का पैदा होने का खतरा भी रहता है। डॉक्टरों की मानें तो ब्रेन ट्यूमर का खतरा 85 से 89 के लोगों को इसका खतरा ज्यादा खतरा है लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि किसी और व्यक्ति को ट्यूमर नहीं हो सकता। ऐसे में आप थोड़ा परहेज रखें।
ज्यादा फोन इस्तेमाल
हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, फोन इस्तेमाल और मनुष्यों में ब्रेन ट्यूमर के विकास में एक खास संबंध होता है। नेशनल लाइब्रेी ऑफ मेडिसिन में पब्लिश हुई एक स्टडी के अनुसार, मोबाइल इलेक्ट्रोमैग्नेटिक रेडिएशन छोड़ेगा जिससे मनुष्यों में कार्सिनोजेनिक का कारण बनेंगे। ऐसे में एक्सपर्ट्स का कहना है कि हैंडस फ्री, हैडफोन जैसे वायरलैस डिवाइसेस या स्पीकर फोन का इस्तेमाल करें और जितना हो पाए मोबाइल से दूर रहे।
हार्मोन्स के कारण
डॉक्टरों की मानें तो हार्मोन यदि असंतुलित हो जाएं तो भी ब्रेन ट्यूमर हो सकत है। इसका खतरा ज्यादा ऐसी महिलाओं को रहता है जो कि लंबे समय से हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी ले रही हों।

हाई सैचुरेटेड फूड
अगर आप हाई सैचुरेटेड फैट से भरपूर फूड खाते हैं तो ब्रेन ट्यूमर का खतरा रहता है। कई अध्ययनों के अनुसार, खराब खाने के अलावा, खराब रुटीन और लाइफस्टाइल जैसे स्मोकिंग और एक्सरसाइज न करने के कारण भी ब्रेन ट्यूमर का खतरा बढ़ सकता है।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले डॉक्टर या एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें।
