आज के बिजी शैड्यूल में लोग एक-दूसरे से कम मिलते हैं लेकिन कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जिनको किसी के साथ मिलने-जुलने और बात करने में घबराहट महसूस होती है। ऐसे लोग बाकी लोगों के साथ मिलना जुलना पसंद नहीं करते। इन लोगों में कॉन्फिडेंस की भी कमी होती है। ऐसे लोग किसी मीटिंग, पार्टी या सोशल फंक्शन में जाने से परहेज ही करते हैं। मन में ऐसे विचार बिठा लेते हैं जिसके कारण वह एंग्जाइटी का शिकार हो जाते हैं। समाज में लोगों के साथ मिलना, ज्यादा लोगों को एक जगह देखकर घबरा जाना, लोगों से खुद को दूर समझने के विचार आना सोशल एंग्जाइटी डिसऑर्डर के संकेत हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में लोग किसी भी कार्यक्रम में जाने से डर और बैचेन महसूस करते हैं जिसके कारण डेली रुटीन भी प्रभावित होती है लेकिन आप जानते हैं कि सोशल एंग्जाइटी डिसऑर्डर के क्या कारण होते हैं और इससे अपना बचाव कैसे कर सकते हैं। अगर नहीं तो आज आपको इसी बारे में बताएंगे।

कोई बचपन की याद

बचपन में कई बार ऐसे कुछ नेगेटिव अनुभव हो जाते हैं जो आपके लिए समस्या बढ़ा सकते हैं जैसे पेरेंट्स का आप पर ज्यादा नियंत्रण होना, इमोशनल अपेक्षा या स्कूल में किसी के द्वारा मजाक उड़ाया गया हो तो यह भी डिसऑर्डर को बढ़ा सकते हैं।

ब्रेन के न्यूरोट्रांसमीटर बदलना

ब्रेन में न्यूरोट्रांसमीटर इंबैलेंस होने के कारण व्यक्ति को ज्यादा चिंता और डर महसूस हो सकता है। इसी कारण आपको सोशल एंग्जाइटी महसूस हो सकती है।

जेनेटिक

वैज्ञानिकों की मानें तो सोशल एंग्जाइटी डिसऑर्डर जेनेटिक भी हो सकता है। अगर आपके परिवार में किसी को यह समस्या है तो अगली पीढ़ी को भी यह समस्या हो सकती है।

कॉन्फिडेंस की कमी

ऐसे लोग जो स्वभाव से बहुत सेंसिटिव होते हैं या फिर जिनका आत्मसम्मान कम हो उन्हें भी लोगों को देखकर घबराहट होती है। ऐसे लोगों को भीड़ देखकर डर लगने लगता है।

ऐसे करें अपना बचाव

. यदि आप सोशल एंग्जायटी डिसऑर्डर से बचना चाहते हैं तो पॉजिटिव विचारों के बारे में सोचें। किसी भी गलत तरह के विचारों से अपना ध्यान हटाएं।

. ध्यान और मेडिटेशन में बैठकर आप अपनी यह दिक्कत दूर कर सकते हैं।

. ज्यादा से ज्यादा लोगों के साथ मिलें। इससे धीरे-धीरे आपका डर दूर होने लगेगा।

. पूरी नींद लें। इससे दिमाग संबंधी समस्याओं को दूर करने में मदद मिलेगी।

. जब भी आप किसी के साथ मिलें तो यह न सोचेंकि वह आपके बारे में क्या सोचेंगे। इससे आपका कॉन्फिडेंस कम होगा।

इस बात का भी रखें ध्यान

अगर आपको लोगों से मिलने में डर लगे या भीड़ में जाने पर घबराहट महसूस हो तो यह सोशल एंग्जाइटी हो सकती है। ऐसे में आप अपने लाइफस्टाइल और डाइट बदलें और अगर समस्या बढ़ रही है तो डॉक्टर या फिर काउंसलर से बात करें।

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले डॉक्टर या एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें।

By tnm

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *