हाइपरटेंशन जिसको हम हाई ब्लड प्रेशर कहते हैं यह प्रॉब्लम आज के टाइम में आम हो गई है। जहां पहले 40-50 की उम्र में लोगों का बीपी बढ़ता था वहीं आज के गलत-खानपान, तनाव, देर तक जागना, एक्सरसाइज न करने के कारण युवा भी आजकल इस बीमारी का समस्या का शिकार रहे हैं। इन सबमें से मुख्य कारण है मेंटल स्ट्रेस ज्यादातर डिप्रेशन से जूझ रहे मरीजों को हाइपरटेंशन की समस्या ज्यादा हो रही है। यह एक ऐसी स्थिति है जिसमें खून का दबाव ज्यादा बनने लगता है इसके कारण किडनी, दिल और शरीर के बाकी अंगों पर नुकसान होता है। इसको साइलेंट किलर भी कहते हैं क्योंकि इसके शुरुआती लक्षण नहीं दिखते। तो चलिए आज आपको इस आर्टिकल के जरिए इसके लक्षण बताते हैं।
शुरुआत में नहीं दिखेंगे लक्षण
विश्व स्वास्थ्य संगठन की मानें तो हाइपरटेंशन से जूझ रहे लोगों में इसके लक्षण नहीं दिखते हालांकि ब्लड प्रेशर के चलते आपको सिरदर्द, कम नजर आना, सीने में दर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं। ऐसे में बीमारी की अच्छे से जांच करवाएं क्योंकि यदि इसका समय पर इलाज न करवाया जाए तो किडनी की बीमारी, हार्ट डिजीज और स्ट्रोक जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाएगा।

अगर आपको यह लक्षण दिखे तो सावधान हो जाएं जैसे
. बहुत ज्यादा सिरदर्द
. सीने में दर्द
. चक्कर आना
. सांस लेने में परेशानी
. जी मिचलाना

. उल्टी आना
. टेंशन होना
. आंखों की रोशनी कम होना
. कानों में आवाज आना
. नाक से खून आना
कारण
. अनहेल्दी डाइट लेना
. फिजिकल एक्टिविटी न करना
. मेंटल स्ट्रेस
. ज्यादा मात्रा में नमक खाना

. लगातार मोटापा बढ़ना
. धूम्रपान और शराब पीना
. परिवार में किसी को हाइपरटेंशन होना
इस तरह करें इससे अपना बचाव
. डाइट में हेल्दी फल, सब्जियां, साबुत अनाज शामिल करें।
. नमक सीमित मात्रा में लें।
. रोज योग या एक्सरसाइज करें।
. वॉक जरुर करें ताकि वजन कंट्रोल में रह सके।
. स्ट्रेस से दूर रहने के लिए मेडिटेशन, प्राणायाम और डीप ब्रीदिंग एक्सरसाइज करें।
. रोज 8 घंटे की नींद लें।

. धूम्रपान और शराब से परहेज करें।
. स्क्रीन पर ज्यादा समय न बिताएं।
. रेगुलर डॉक्टर से चेकअप करवाते रहें।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले डॉक्टर या एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।
