बढ़ते प्रदूषण के कारण सिर्फ सांस से जुड़ी समस्याएं ही नहीं, बल्कि मोटापा भी एक गंभीर समस्या बन रहा है। प्रदूषण का असर हमारे शारीरिक स्वास्थ्य पर कई तरह से होता है और इसके प्रभाव से शरीर के हार्मोनल संतुलन में भी बदलाव आएगा। इसमें मौजूद हानिकारक कण और केमिकल्स शरीर में सूजन को बढ़ाएंगे, जो अंत में वजन बढ़ने का कारण बनेंगे। इसके अलावा, बढ़ते प्रदूषण के कारण फिजिकल एक्टिविटी में कमी, स्ट्रेस और नींद से जुड़ी समस्याएं भी हो सकती हैं जो मोटापे का मुख्य कारण बनेगी। इस आर्टिकल के जरिए आपको यह बताते हैं कि कैसे प्रदूषण हमारे शरीर पर असर डालेगा और कैसे यह मोटापे का कारण बनेगा साथ ही इस समस्या से निपटने के उपायों पर भी आपको बताते हैं। आइए जानते हैं। .
मोटापे और वायु प्रदूषण का ऐसे है कनेक्शन
वायु प्रदूषण में छोटे कण पीएम 2.5 और अन्य हानिकारक कैमिकल्स होते हैं, जो न सिर्फ हमारे श्वसन तंत्र को नुकसान पहुंचाएंगे, बल्कि शरीर के अंदर सूजन को बढ़ाएंगे। कई ऐसी स्टडीज हैं जिनसे पता चलता है कि इन हानिकारक कणों का शरीर में प्रवेश होने से इंसुलिन रेजिस्टेंस की स्थिति बन सकती है। यह स्थिति शरीर के मेटाबोलिज्म को धीमा कर देगी और शरीर में अतिरिक्त फैट जमा होने की प्रक्रिया को बढ़ावा देगी। इसके अलावा, प्रदूषण से शरीर में कोर्टिसोल जैसे स्ट्रेस हार्मोन का स्तर भी बढ़ेगा जो वजन बढ़ाने का काम करेगा।

फिजिकल एक्टिविटीज में आएगी कमी
प्रदूषण के कारण लोग बाहर कम निकलते हैं और फिजिकल एक्टिविटीज में कमी आ जाती है। जब लोग प्रदूषण से बचने के लिए बाहर कम जाते हैं या फिर घर में ही रहते हैं तो उनकी कैलोरी बर्न करने की प्रक्रिया धीमी हो जाती है। इस तरह, कम शारीरिक गतिविधि और बैठने की आदतें शरीर में वजन बढ़ने का कारण बनेंगी।
स्ट्रेस और अनिद्रा
प्रदूषण सिर्फ शारीरिक स्वास्थ्य पर ही नहीं, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य पर भी बुरा असर डालेगा। जब हवा में प्रदूषण की मात्रा बढ़ती है तो यह स्ट्रेस, चिंता और डिप्रेशन जैसी समस्याओं को जन्म देगा। यह मानसिक स्थिति शरीर के हार्मोनल संतुलन को बिगाड़ देगी और मोटापे का कारण बनेग। इसके अलावा, प्रदूषण के कारण वजह से नींद की गुणवत्ता भी प्रभावित होगी जिससे शरीर की रिकवरी में दिक्कत आएगी है और वजन बढ़ने की प्रक्रिया तेज हो जाएगी।

ऐसे करें बढ़ते प्रदूषण में मोटापे से बचाव
. प्रदूषण से बचने के लिए घर में एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल करें और बाहर जाने से पहले वायु गुणवत्ता की जांच जरुर करें।
. प्रदूषण से होने वाली सूजन और शरीर में जमा टॉक्सिन्स को बाहर निकालने के लिए पानी का भरपूर मात्रा में सेवन करें। यह मेटाबोलिज्म को गति देगा और वजन घटाने में मदद करेगा।
. इससे शरीर को बचाने के लिए हेल्दी डाइट लें। इसमें विटामिन-ए, सी और ई से भरपूर चीजों को शामिल करें। ये तत्व शरीर को हानिकारक प्रदूषण कणों से लड़ने में मदद करेंगे और वजन को संतुलित बनाए रखेंगे।

. घर में ही हल्की एक्सरसाइज या फिर योग जरुर करें।
. एंटी-ऑक्सिडेंट्स और सूजन कम करने वाले फूड्स जैसे फल, सब्जियां और ओमेगा-3 फैटी ऐसिड्स से भरपूर आहार खाएं।
. स्ट्रेस को कम करने के लिए ब्रीदिंग एक्सरसाइज और मेडिटेशन जरुर करें।
इस बात का भी रखें ध्यान
प्रदूषण को पूरी तरह से कंट्रोल करना काफी मुश्किल है, लेकिन इससे होने वाले नुकसान को कम करने के लिए आप अपनी लाइफस्टाइल में सुधार कर सकते हैं। इससे न सिर्फ को कंट्रोल किया जा सकेगा बल्कि अन्य स्वास्थ्य समस्याओं से भी बचाव होगा।
study source: International Journal of Obesity
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
