आज की भाग दौड़ भरी जिंदगी में स्ट्रेस यानी तनाव एक आम समस्या बन गया है। तनाव की स्थिति में शरीर में कोर्टिसोल नाम का स्ट्रेस हॉर्मोन रिलीज होता है साथ ही शरीर के कई अन्य हॉर्मोन्स भी असंतुलित हो जाते हैं। इस स्थिति में मानसिक और शारीरिक दोनों ही रूपों में सेहत को नुकसान होता है। वहीं, तनाव का सीधा असर ब्रेन पर पड़ता है, जिससे व्यक्ति की मेमोरी भी कमजोर होने लगती है। मनोवैज्ञानिकों के अनुसार, क्रोनिक स्ट्रेस से पीड़ित लोगों में मेमोरी लॉस और मेमोरी संबंधी अन्य समस्याएं जैसे की डिमेंशिया और अल्जाइमर्स का खतरा बढ़ जाता है इसलिए स्ट्रेस मैनेजमेंट बहुत जरूरी है। तनाव का मेमोरी पर काफी बुरा प्रभाव पड़ता है, स्ट्रेस के दौरान शरीर कोर्टिसोल और अन्य केमिकल्स रिलीज करता है। समय के साथ कोर्टिसोल का हाई स्तर हिप्पोकैम्पस फंक्शन को खराब कर सकता है, जिससे इंसान की मेमोरी कमजोर होने लगती है। स्ट्रेस की वजह से व्यक्ति को ध्यान केंद्रित करने, नई चीजें सीखने और किसी भी जानकारी को याद रखने में कठिनाई महसूस होती है, इसी कारण इंसान चीजों को भूलने लगता है।
डीप ब्रीदिंग एक्सरसाइज करें
गहरी सांस लेने से चिंता और तनाव को कम करने में मदद मिलती है इसलिए जब भी आपको स्ट्रेस फील हो तो डीप ब्रीदिंग एक्सरसाइज करें।

डार्क चॉकलेट खाएं
डार्क चॉकलेट में पाए जाने वाले कोको फ्लेवोनोइड्स ब्रेन के कामकाज को बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं। इसके अलावा डार्क चॉकलेट को मूड बूस्टिंग फूड के रूप में भी जाना जाता है। तनाव में इसका सेवन करने से इंसान के मन को शांति महसूस होती है। यह मेमोरी और स्ट्रेस दोनों के लिए बेहद फायदेमंद है।
शरीर को रखें एक्टिव
शारीरिक गतिविधियां मेमोरी को बूस्ट करने में मदद करती हैं, साथ ही थकान को कम कर देती हैं। एरोबिक एक्सरसाइज करने से तनावग्रस्त लोगों की याददाश्त में सुधार हो सकता है।

पूरी नींद लें
याददाश्त को मजबूत करने के लिए और तनाव को कंट्रोल करने के लिए नींद बहुत जरूरी है। व्यक्ति को हर दिन 7 से 8 घंटे की नींद जरूर लेनी चाहिए।
