समर वेकेशन, बीच ट्रिप या पूल पार्टी… गर्मियों की मस्ती में अक्सर जाम छलकते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि तेज धूप और शराब का यह कॉम्बिनेशन कितना जानलेवा हो सकता है? झुलसाती गर्मी और उमस के बीच अल्कोहल का सेवन आपके शरीर के लिए एक ‘साइलेंट किलर’ की तरह काम करता है, जो न सिर्फ आपको तेजी से डिहाइड्रेशन का शिकार बनाता है बल्कि हीट स्ट्रोक और बड़े हादसों को सीधे दावत देता है।
शरीर को तेजी से सुखाती है शराब (डिहाइड्रेशन का खतरा)
शराब एक ‘डाइयूरेटिक’ ड्रिंक है, जिसके सेवन से शरीर में मौजूद तरल पदार्थ सामान्य से कहीं ज्यादा तेजी से यूरिन के जरिए बाहर निकलने लगता है। गर्मियों में पसीने के कारण हमारा शरीर पहले ही पानी खो रहा होता है। ऐसे में शराब पीने से शरीर में पानी और जरूरी इलेक्ट्रोलाइट्स की भारी कमी (डिहाइड्रेशन) हो जाती है। अगर इस दौरान उल्टी हो जाए, तो स्थिति और भी बिगड़ सकती है। इसलिए शरीर में नमी बनाए रखने के लिए खूब पानी पीना बहुत जरूरी है।
हीट स्ट्रोक (लू लगने) की बढ़ती आशंका
पेन फाउंडेशन (Pennfoundation) की एक रिपोर्ट के अनुसार, तेज गर्मी में शराब पीने से ‘हीट स्ट्रोक’ का जोखिम काफी बढ़ जाता है। प्राकृतिक रूप से पसीना हमारे शरीर के तापमान को कंट्रोल करता है, लेकिन डिहाइड्रेशन होने पर यह कूलिंग सिस्टम काम करना बंद कर देता है। इससे शरीर का तापमान अचानक बढ़ जाता है। चक्कर आना, भ्रम, तेज सिरदर्द, कमजोरी और बेहोशी इसके मुख्य लक्षण हैं। ऐसी हालत में तुरंत डॉक्टर की मदद लेनी चाहिए।
पानी वाली जगहों पर दुर्घटनाओं का डर
समुद्र किनारे, झील, स्विमिंग पूल या नदी के पास शराब पीना जानलेवा साबित हो सकता है। नशे में इंसान का शारीरिक संतुलन, सोचने-समझने की शक्ति और सही निर्णय लेने की क्षमता कमजोर हो जाती है। इससे पानी में डूबने, फिसलने या नाव (बोटिंग) चलाते समय ओवरकॉन्फिडेंस में बड़े हादसे होने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है।
सुरक्षित रहने के लिए अपनाएं ये ‘गोल्डन रूल्स’
अगर आप गर्मी के मौसम में शराब पी रहे हैं, तो उसकी मात्रा सीमित रखें। खुद को ठंडी और छायादार जगह पर रखने की कोशिश करें, ताकि पसीना कम आए। इसके साथ ही लगातार सादा पानी पीते रहें और सबसे अहम बात—शराब पीने के बाद भूलकर भी ड्राइविंग न करें और न ही स्विमिंग के लिए पानी में उतरें।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले डॉक्टर या एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें।
