आजकल की इस भागदौड़ भरी जिंदगी और बदलते लाइफस्टाइल के साथ 60 की उम्र के बाद अच्छी सेहत बनाए रखना मुश्किल हो रहा है। दरअसल, बिगड़े लाइफस्टाइल और खानपान की आदतों के कारण वर्तमान समय में लोगों को 30-40 की उम्र से ही डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और मोटापे जैसी समस्याएं होने लगती हैं, जिसके कारण 60 की उम्र होने तक कई अन्य स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें भी शुरू हो जाती हैं। 60 की उम्र में शरीर की जरूरतें बदल जाती हैं और इसलिए सही डाइट और भी ज्यादा जरूरी हो जाती है। उम्र के इस पड़ाव पर सही पोषण न सिर्फ हड्डियों और मांसपेशियों की मजबूती के लिए जरूरी होता है, बल्कि दिल की सेहत, पाचन तंत्र और मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी आवश्यक होता है। 1 सितंबर से लेकर 7 सितंबर तक नेशनल न्यूट्रिशन वीक मनाया जा रहा है। ऐसे में आज आपको कुछ ऐसे सूपरफूड्स बताते हैं जो आपको 60 के उम्र के बाद खाने चाहिए। आइए जानते हैं।

हरी पत्तेदार सब्जियां

60 की उम्र के बाद डाइट में हरी पत्तेदार सब्जियों को जरूर शामिल करें। दरअसल, पालक, मेथी और सरसों जैसी हरी पत्तेदार सब्जियों में आयरन, कैल्शियम और फोलेट मौजूद होता है। ये सब्जियां हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद करती हैं और शारीरिक स्वास्थ्य को भी सुधारती हैं। हरी पत्तेदार सब्जियां एंटीऑक्सीडेंट्स से भी भरी हुई होती हैं, जो मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ाने में भी मदद करती हैं। इन सब्जियों और सीजनल फलों का नियमित रूप से सेवन करने से हार्ट और हड्डियों को फायदा होता है।

सूरजमुखी के बीज

यह बीज विटामिन-ई, मैग्नीशियम के साथ-साथ अन्य जरूरी पोषक तत्वों का भी बहुत अच्छा सोर्स हैं। ये पोषक तत्व दिल की सेहत और हड्डियों की मजबूती देने के लिए जरूरी होते हैं। नियमित तौर पर सूरजमुखी के बीजों का सेवन करने से हार्ट और हड्डियों की सेहत में भी सुधार होता है।

बादाम

विटामिन-ई, मैग्नीशियम और फाइबर से भरपूर बादाम दिल की सेहत को बढ़ावा देते हैं। विटामिन-ई हार्ट को हेल्दी रखने में मदद करता है तो वहीं मैग्नीशियम हड्डियों को मजबूत बनाता है। बादाम में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स मानसिक स्वास्थ्य को भी सुधारने में मदद कर सकते हैं। नियमित तौर पर बादाम का सेवन करने से याददाश्त में भी सुधार हो सकता है।

सैल्मन मछली

यह ओमेगा-3 फैटी एसिड का एक अच्छा सोर्स मानी जाती हैं। यह दिल की सेहत को बनाए रखने के लिए जरुरी माना जाता है। ओमेगा-3 फैटी एसिड शरीर में ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करता है, दिल की धड़कनों को नियमित करता है और सूजन को कम करने में भी मदद करता है। इसके अलावा सैल्मन में हाई प्रोटीन और विटामिन-डी मौजूद होता है, जो हड्डियों को मजबूती देने के लिए जरूरी होता है। नियमित रूप से सैल्मन का सेवन करने से हार्ट डिजीज और हड्डियों की समस्याओं से बचाव होता है।

कीवी

इसमें विटामिन-सी और फाइबर की अच्छी मात्रा होती है जो स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होती है। विटामिन-सी शरीर में कोलेजन के निर्माण में मदद करता है, जो त्वचा को हेल्दी रखता है। इसके अलावा विटामिन-सी इम्यूनिटी को भी बूस्ट करने में मदद करता है। वहीं कीवी में मौजूद फाइबर पाचन तंत्र को हेल्दी रखता है।

By tnm

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *