योग और ध्यान को भारतीय लाइफस्टाइल का हिस्सा माना जाता है लेकिन आजकल बहुत कम लोग हैं जो नियमित रुप से ध्यान और योगा करते हैं। वहीं कुछ लोग ऐसे भी हैं जो मेडिटेशन तो करते हैं लेकिन उन्हें इससे कुछ खास फायदा नहीं होता। ऐसे में यह जानना जरुरी हो जाता है कि आखिर कितनी देर तक मेडिटेशन करना शरीर के लिए फायदेमंद रहेगा। आइए जानते हैं।
क्या होती है मेडिटेशन?
मेडिटेशन ध्यान की एक मुद्रा है जिसे करने से आप मानसिक रुप से शांत और एकाग्र रहते हैं। मेडिटेशन नेगेटिविटी से दूर रखने और आंतरिक रुप से उत्साहित और प्रसन्न रखती है। साथ ही यह आपकी एनर्जी और आत्म शक्ति को भी बनाए रखती है।

इतने देर करने से मिलेगा फायदा
जैसे दवाईयों को निश्चित समय और अंतराल पर लेने से फायदा होता है। वैसे ही मेडिटेशन करने का भी सही समय होता है। ऑर्ट ऑफ लिविंग की वेबसाइट के अनुसार, कम से कम 20 मिनट रोज सुबह और शाम को ध्यान यानी की मेडिटेशन करना चाहिए। इससे शरीर पर पॉजिटिव असर होता है।
दिमाग को मिलेगा आराम
मेडिटेशन करने से मानसिक रुप से शांति महसूस होती है और दिमाग में एनर्जी और पॉजिटिविटी महसूस होती है। सारा दिन काम में व्यस्त होने के कारण शरीर के साथ ही दिमाग थक जाता है और उसकी एनर्जी खत्म हो जाती है। ऐसे में दिमाग को एनर्जी देने के लिए मेडिटेशन बहुत जरुरी है।

दवाईयों से बेहतर होती है मेडिटेशन
सारा दिन की चीजों को बैलेंस करने के लिए मानसिक रुप से मजबूत होना जरुरी है। ऐसे में मानसिक तौर पर फिट रहने के लिए आप अनावश्यक दवाईयों की जगह मेडिटेशन कर सकते हैं। दिन में सिर्फ 15-30 मिनट मेडिटेशन करने से आपको फायदा होगा और दिमाग को शांति मिलेगी।
ऐसे आसन पर बैठें
इसके लिए हमेशा एक कंफर्टेबल जगह ही चुनें। साथ ही बैठने का आसन भी बिल्कुल कंफर्टेबल ही रखें। जरुरी नहीं है कि आप जमीनपर योगा मैट बिछाकर ही मेडिटेशन करें। कुर्सी या फिर सोफे पर बैठकर भी आप ध्यान कर सकते हैं। बस इस बात का ध्यान रखें कि मेडिटेशन के समय बिल्कुल भी हिले-झुलें न।
फायदे
रोजाना यदि आप नियमित तौर पर मेडिटेशन करते हैं तो इससे शरीर को ढेरों फायदे होते हैं।
. चिताएं दूर होती हैं।
. नींद न आने की समस्या दूर होती है।
. स्टूडेंट्स को पढ़ाई में फोकस करने में मदद मिलती है।
. एकाग्रता बढ़ती है।
. मन शांत होता है और नेगेटिव विचार दूर होते हैं।

. सिरदर्द, डिप्रेशन जैसी समस्याओं में राहत मिलती है।
