आज के डिजिटल वर्ल्ड में हर एक व्यक्ति के पास मोबाइल फोन है। इसके बिना एक पल भी रह पाना मुश्किल हो जाता है। वहीँ अगर युवा वर्ग की बात करें तो वे इससे दूर नहीं रह सकते हैं। इतना ही नहीं छोटे बच्चों के पास भी महंगे महंगे मोबाइल फोन है, जिसका यूज़ वे बिना आँख झपके कर रहे हैं। बता दें इस उपकरण के जितने फायदे हैं, उससे कहीं ज्यादा नुकसान भी हैं। अगर आप सीमित और नियमित रूप से मोबाइल का यूज़ करते हैं, तो आपको डरने की जरूरत नहीं है।
लेकिन अगर हद से ज्यादा मोबाइल का यूज़ किया जाता है तो एक पल भी इसके बिना रहना मुश्किल हो जाता है और आप डर के शिकार हो जाते हैं। मोबाइल के इस डर को नोमोफोबिया कहा जाता है। वहीँ किशोर इसके अधिक शिकार होते हैं। अगर आप मोबाइल को लेकर परेशान रहते हैं, तो आपको डॉक्टर के सलाह की जरूरत है।
साथ ही आपको इससे बचने के लिए कुछ उपायों को अपनाना जरुरी है। इसके बारे में और भी अधिक जानकरी हमें जालंधर की pmg अस्पताल की न्यू बोर्न बेबी की एक्सपर्ट डॉ. सुरजीत कौर
ने दी है।
आखिर क्या होता है नोमोफोबिया
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डॉ. सुरजीत कौर ने बताया कि जब कोई व्यक्ति मोबाइल फोन को लेकर इतना सतर्क हो जाता है कि उसे हर पल मोबाइल की चिंता रहती है कि कहीं उसका फोन गुम या खराब न हो जाएं, तो उसे नोमोफोबिया से पीड़ित माना जाता है। बता दें नोमोफोबिया का मतलब नो-मोबाइल-फोबिया यानि मोबाइल ना होने का डर है। यह एक साइकोलॉजिकल कंडीशन है। इस फोबिया के शिकार लोग जब अपने स्मार्टफोन या डिजिटल डिवाइस से दूर होते हैं, कम बैटरी या इंटरनेट कनेक्टिविटी की कमी होती है तो उन्हें घबराहट, चिंता और भय होने लगता है। आइए इसके लक्षण और कारणों के बारे में जानते हैं।
इसके क्या है लक्षण
फोन भूल जाने पर घबराहट
जहां नेटवर्क ना हो वहां जाने से डरना
बैटरी खत्म हो जाने पर चिंता होना
नेटवर्क में ना होना या कम्यूनिकेशन ना करने का डर
मोबाइल को बार बार चेक करना
जरा भी देर के लिए मोबाइल को खुद से दूर न करना
अगर मोबाइल में कुछ दिक्कत आ जाए तो घबरा जाना
कॉल, मैसेज या नोटिफिकेशन को बार-बार चेक करना
इंटरनेट काम न करने पर बेचैन हो जाना
ऐसे लोग मोबाइल स्विच ऑफ करने से भी कतराते हैं।
नोमोफोबिया के उपाय
इसके लिए जरूरी है कि पहले आप अनुशासित रहें। किसी भी बुरी लत को छोड़ने का सबसे सरल तरीका अनुशासन है। एक नियमित समय के लिए मोबाइल फोन का यूज़ करें
मोबाइल को निर्धारित समय पर यूज़ करें
घर के बाहर स्मार्टफोन का कम से कम इस्तेमाल करें
सप्ताह में एक दिन जरूर सोशल मीडिया से दूरी बनाएं, अपने दोस्तों को भी ऐसा करने की सलाह दें
घर पर अपने परिवार वालों को समय दें, अगर आप मोबाइल कम यूज़ करेंगे, तो आपको बार-बार बैटरी चार्ज करने की भी जरूरत नहीं पड़ेगी
रात में मोबाइल फोन का कम से कम यूज़ करें,इसके बदले में बुक्स पढ़ सकते हैं
