क्या आपने कभी ऐसा सोचा है कि डाइटिंग आपकी मौत का कारण बन सकती है। अगर नहीं तो आपको बता दें कि कुछ ऐसा ही अब हुआ है। जहां पर फिट रहने के चक्कर में 18 साल की लड़की की मौत हो गई है। कन्नूर के कुथूपरंबा में रहने वाली श्रीनंदा ने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर वीडियो देखकर डाइटिंग करना शुरु कर दी। उस लड़की ने कई दिनों तक खाना खाना ही छोड़ दिया। अपना वजन घटाने के लिए लगातार उसने कठिन एक्सरसाइज की, लिक्विड डाइट फॉलो की। इसके कारण उसका शरीर बहुत कमजोर हो गया और उसकी हालत भी बिगड़ गई। उसको अस्पताल भी ले जाया गया वहां उसे वेंटिलेटर पर रखा गया लेकिन उसकी मौत हो गई।
इस वजह से हुई डाइटिंग से मौत
डॉक्टरों की मानें तो लड़की का वजन बस 24 किलो ही रह गया था। वह इतनी कमजोर हो गई थी कि बिस्तर से भी उठ नहीं पाई थी। उसका शुगर लेवल, सोडियम और ब्लड प्रेशर लगातार कम हो रहे थे वेंटिलेटर पर भी उसकी हालत नहीं सुधरी और उसकी मौत हो गई। डॉक्टरों की मानें तो लड़की की मौत एनोरेक्सिया नाम की बीमारी के कारण हुई थी। यह एक तरह का मेंटल डिसऑर्डर होता है इसमें खान-पान के कारण व्यक्ति को बहुत चिंता रहती है। इस बीमारी से जूझ रहे व्यक्ति को लगता है कि उसका वजन बहुत ज्यादा है और उसे खाना नहीं खाना चाहिए। भले ही वो कितना भी दुबला पता क्यों न हो।

लक्षण
. मोटापा बढ़ने की टेंशन रहना
. शरीर की शेप बिगड़ जाना
. उम्र के अनुसार, वजन न टिक पाना
. सारा दिन डाइटिंग करते रहना
. कुछ भी नहीं खा पाना
. किसी पार्टी में दोस्तों से दूरी बनाकर रखना
. जरुरत से ज्यादा एक्सरसाइज करना

. समय से पीरियड्स न आ पाना
. बार-बार वजन देखते रहना
इन लोगों को एनोरेक्सिया का ज्यादा खतरा
डॉक्टर्स की मानें तो यह लड़कों की तुलना में लड़कियों को ज्यादा होता है। 13 साल की उम्र से लेकर 30 साल तक की लड़कियां और महिलाएं इसका ज्यादा शिकार होती हैं। इस बीमारी का खतरा 95% महिलाओं को ही होता है।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले डॉक्टर या एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें।
