हर कोई जानता है कि हेल्दी और स्वस्थ रहना है तो अच्छी नींद बेहद जरूरी है, क्योंकि नींद के समय हमारे शरीर की कोशिकाएं रिपेयर होती हैं। वहीं, आजकल के लाइफस्टाइल और खानपान की बात करें तो उसके चलते नींद भी प्रभावित हो रही है और कई स्वास्थ्य समस्याएं भी। अच्छी नींद चाहिए तो मेलाटोनिन हार्मोन बहुत जरूरी है। मेलाटोनिन नींद के स्लीप पैटर्न को सही बनाए रखने में मददगार है।
मेलाटोनिन हार्मोन
आपको बता दें कि मेलाटोनिन एक हार्मोन है जिससे शरीर की नींद और जागने का चक्र कंट्रोल होता है, इसे स्लीप हार्मोन भी कहते हैं। यह हार्मोन दिमाग के पीनियल ग्लैंड द्वारा प्राकृतिक रूप से बनता है, लेकिन अगर लाइफस्टाइल खराह है, स्क्रीन टाइम और स्ट्रेस ज्यादा है तो इसका उत्पादन कम हो सकता है। शरीर में सही नींद के लिए मेलाटोनिन का सही स्तर होना जरूरी है। एक्सपर्ट्स ने ने मेलाटोनिन और नींद के बीच का संबंध बताया है और इसे बूस्ट करने का तरीका भी तो चलिए जानते हैं।
अच्छी नींद के फायदेमंद
कामकाज के चक्कर में शरीर और दिमाग इतना थक जाता है कि नींद भी प्रभावित होती है। ऐसे में मेलाटोनिन शरीर की बॉडी क्लॉक को कंट्रोल करता है, जिससे रात में अच्छी नींद आ पाती है। इसलिए जिन लोगों को नींद की समस्या है उनके लिए मेलाटोनिन हार्मोन बहुत ही जरूरी है। मेलाटोनिन एंटी-ऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर होता है। मेलाटोनिन स्ट्रेस हार्मोन कोर्टिसोल को कम करके रिलैक्सेशन बढ़ाता है और इसकी कमी से स्ट्रेस भी बढ़ता है।
बढ़ेगी याददाशत
सही स्तर के मेलाटोनिन हार्मोन से दिमाग और मेमोरी तेज होगी। क्योंकि अच्छी नींद दिमागी कार्यक्षमता को सुधारती है और मेलाटोनिन इसमें मददगार है। ये न्यूरोडीजेनेरेटिव बीमारियों जैसे अल्जाइमर और पार्किंसंस से बचाने में भी सहायक है।
मेलाटोनिन बढ़ाने का तरीका
नींद, तनाव और दिमाग की हेल्थ को कंट्रोल करने के लिए मेलाटोनिन एक महत्वपूर्ण हार्मोन है। चाहते हैं कि अच्छी नींद और स्ट्रेस फ्री लाइफ रहे तो इस हार्मोन की कमी नहीं होनी चाहिए। ऐसे में जिन लोगों को इस हार्मोन की कमी है तो इसके लिए खानपान के साथ लाइफस्टाइल में कुछ बदलाव करें।
. सोने का सही रूटीन
. सूरज की रोशनी लेना
. स्क्रीन टाइम को कम करें
. मेलाटोनिन बढ़ाने वाले फूड्स खाएं
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले डॉक्टर या एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें।
