खराब लाइफस्टाइल के कारण माइग्रेन से बहुत लोग परेशान हैं लेकिन आपको बता दें कि जिन लोगों का लाइफस्टाइल अच्छा हो या जिनके परिवार में किसी को माइग्रेन न हो ऐसे लोगों में माइग्रेन की दिक्कत भी न के बराबर ही होती है। वहीं साइलेंट माइग्रेन एक इस तरह का माइग्रेन होता है जिसमें आपके सिर में दर्द नहीं होती। आपको चमकती हुई रोशनी या फिर धब्बे भी दिखाई देते हैं। इसके अलावा आपको झुनझुनी और सुन्नता भी हो सकती है यह झुनझुनी आपके चेहरे से हाथ तक फैल जाती है। आपको बोलने में दिक्कत हो सकती है।

इस वजह से होता है माइग्रेन

माइग्रेन के मरीजों को अपने खान-पान का ध्यान रखना चाहिए। अगर आपकी रोज की डाइट खराब है तो भी आपको माइग्रेन हो सकता है। कई बार आप लोग जब बिना सोचे समझे कुछ खाते हैं तो इसके कारण माइग्रेन ट्रिगर हो सकता है। इसके अलावा बहुत ज्यादा कैफीन का इस्तेमाल भी माइग्रेन को बढ़ावा देगा। अमेरिकन माइग्रेन फाउंडेशन के अनुसार, कुछ लोगों के लिए कैफीन माइग्रेन अटैक कारण भी बन सकता है। ऐसे में आप यदि माइग्रेन से जूझ रहे हैं तो कॉफी, चाय और चॉकलेट न खाएं।

इन चीजों को भी कहें ना

प्रोसेस्ड मीट

सॉसेज, हॉट डॉग और सलामी में नाइट्राइट्स और नाइट्रेट्स पाए जाते हैं। यह कैमिकल्ल आपके शरीर में मौजूद ब्लड वेसल्स पर असर डालेंगे जिसके कारण माइग्रेन का दर्द बढ़ जाएगा। ऐसे में यदि आप मीट खाते हैं तो फ्रेश और बिना प्रोसेस्ड किया हुआ मीट ही खाएं।इससे माइग्रेन का दर्द कम होगा।

एमएसजी(MSG) का सेवन

अगर आप एमएसजी यानी की मोनोसोडियम ग्लूटामेट खाते हैं तो इससे भी परहेज करें। यह एक फूड एडिटिव होता है जिसका इस्तेमाल चीनी और प्रोसेस्ड फूड में होता है। इसका यदि आप सेवन करते हैं तो दिमाग में कैमिकल असंतुलन पैदा होगा जिसके कारण भी माइग्रेन का दर्द बढ़ जाएगा। ऐसे में आप यही कोशिश करें कि आप फ्रेश और बिना प्रोसेस्ड किया हुआ खाना ही खाएं। इसके अलावा यदि बाहर का खाना खा रहे हैं तो भी ध्यान रखें कि खाने में एमएसजी न डाला हो।

चॉकलेट

चॉकलेट में टायरामाइन नाम का कैमिकल मौजूद होता है। यह कैमिकल आपके माइग्रेन का दर्द बढ़ा सकता है। इसके कारण दिमाग में कैमिकल असंतुलन पैदा होगा जिसके कारण भी माइग्रेन का दर्द बढ़ जाएगा। ऐसे में यदि आप चॉकलेट खाने के शौकीन है तो इसका सेवन कम मात्रा में ही करें। खासतौर पर डार्क चॉकलेट माइग्रेन का दर्द कम करने में मदद करेगी।

रेड वाइन या शराब

रेड वाइन या शराब जैसी चीजों में भी टायरामाइन और सल्फाइट्स मौजूद होते हैं। ये कैमिकल्क आपके शरीर में मौजूद ब्लड वेसल्स पर असर डालेंगे जिसके कारण माइग्रेन का दर्द बढ़ जाएगा। ऐसे में यदि आपको एल्कोहल अच्छी लगती है तो इसे कम मात्रा में ही पिएं। इससे दर्द कंट्रोल में रहेगा और आप आनंद भी ले पाएंगे।

पनीर

पुराने या फिर फर्मेंटेड पनीर जैसे की चेडर, ब्लू चीज और स्विस चीज में टायरामाइन पाया जाता है। यह भी आपके माइग्रेन को ट्रिगर करेंगे। यदि आपको पनीर बहुत अच्छा लगता है तो हमेशा ताजा पनीर ही इस्तेमाल करें। इससे माइग्रेन का दर्द कम होगा।

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले डॉक्टर या एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें।

By tnm

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