शरीर और दिल को स्वस्थ रखने के लिए एक्सरसाइज कितनी जरुरी है यह तो सभी जानते हैं लेकिन कुछ सालों में अभी एक्सरसाइज के दौरान हार्ट अटैक के मामले काफी बढ़ गई है। ऐसे मामले लगातार सोचने पर मजबूर कर रहे हैं कि क्या एक्सरसाइज करने के कारण दिल संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ता है। इस मामले पर कई एक्सपर्ट्स ने कई रिसर्च देखे। रिसर्च में उन्होंने देखा कि एक्सरसाइज के दौरान दिल का दौरा पड़ने का खतरा बढ़ जाता है। तो चलिए आज आपको इस आर्टिकल के जरिए बताते हैं कि किन लोगों को कम एक्सरसाइज करनी चाहिए और दिल को हेल्दी रखने के लिए कितने घंटे एक्सरसाइज करनी चाहिए।
दिल पर पड़ता है दबाव
एक्सरसाइज करने के कारण दिल पर बहुत दबाव पड़ता है। ज्यादातर मामलों में यह दबाव सही होता है लेकिन जो लोग दिल संबंधी बीमारियों से जूझ रहे हैं या जिनका कोलेस्ट्रॉल काफी ज्यादा होता है उनको एक्सरसाइज के दौरान दिल की धड़कन और ब्लड प्रेशर के कारण हार्ट अटैक का खतरा काफी बढ़ जाता है। ऐसे में डॉक्टर्स भी यह कहते हैं कि रोज एक्सरसाइज करना सही है लेकिन ज्यादा कठिन एक्सरसाइज आपके शरीर के लिए सही नहीं रहेगी।

ऐसे लोगों को ज्यादा खतरा
जिन लोगों को दिल से जुड़ी कोई बीमारी है, कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है या फिर ब्लड प्रेशर हाई होता है उन्हें अपने लाइफस्टाइल के दौरान कुछ चीजों का एक्सरसाइज के दौरान ध्यान रखना चाहिए। ऐसे लोगों को एक्सरसाइज करते हुए सावधानी बरतनी चाहिए क्योंकि इसका खतरा उस समय ज्यादा होता है जब आप बहुत ज्यादा एक्सरसाइज करते हैं। खासतौर पर जो लोग हैवी वर्कआउट करने लगते हैं उन्हें हार्ट अटैक का खतरा ज्यादा रहता है।
इतने घंटे करें एक्सरसाइज
एक्सपर्ट्स के अनुसार, आपको हर हफ्ते कम से कम 150 मिनट ही तेजी से एक्सरसाइज करना चाहिए। रोज आपको 75 मिनट एक्सरसाइज कर सकते हैं। इसके अलावा आप तेज वॉकिंग, साइकिलिंग, स्विमिंग जैसी एक्टिविटीज कर सकते हैं।

एक्सरसाइज के दौरान बरतें सावधानी
. यदि आपको सीने में दर्द, चक्कर या फिर सांस लेने में कोई भी दिक्कत हो तो तुरंत रुक जाएं।
. अगर आपने अभी एक्सरसाइज शुरु की है तो आपको धीरे-धीरे ही करना चाहिए। तुरंत अपनी स्पीड न बढ़ाएं। इससे आपको दिक्कत हो सकती है।
. यदि आप दिल संबंधी समस्या से जूझ रहे हैं तो एक्सरसाइज करने से पहले डॉक्टर की सलाह लें। यदि आप अच्छे से एक्सरसाइज करेंगे तो आपका दिल मजबूत बनेगा। इसके अलावा आपका ब्लड फ्लो सुधरेगा और लंबे समय तक दिल संबंधी बीमारियों का जोखिम कम होगा।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
