मई जून की गर्मी ने तो उत्तर भारत में सभी का जीना मुहाल कर रखा है। वहीँ पारा हर दिन अपने रिकॉर्ड स्तर को छू रहा है। इसी के साथ कई लोग लू की चपेट से बीमार हो रहे हैं। लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि मौसम में कुछ खास तरह की दवाइयां लेने वाले लोगों को गर्मी ज्यादा लगने का खतरा रहता है। दरअसल, दुनिया में करीब 2 अरब लोगों को ब्लड प्रेशर की बीमारी है, जिसक i वजह से उन्हें हर रोज इसकी मेडिसिन लेनी ही पड़ती है। लेकिन बता दें ब्लड प्रेशर की दवा हीटवेव के खतरे को कई गुना बढ़ाने का काम भी करती है। इसी तरह एलर्जी या मानसिक समस्याओं से परेशान लोग यदि इन बीमारियों की दवा खाते हैं, तो उन्हें हीटवेव के खतरे का सामना करना होता है।
हीट वेव का खतरा बीपी की दवा लेने वालों ज्यादा
बता दें अमेरिकन फार्मासिस्ट एसोसिएशन की प्रोफेसर डॉ. एलिसन हिल के मुताबिक किडनी डिजीज, हार्ट फेल्योर, हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों को डाययूरेटिक दवाइयां लेने की सलाह दी जाती है। ताकि शरीर में सॉल्ट और पानी का निष्काषण सही से हो पाए। इसमें तुरंत-तुरंत पेशाब लगता है जिससे शरीर का अतिरिक्त पानी जल्दी से बाहर हो जाता है। इस स्थिति में ब्लड प्रेशर कंट्रोल रहता है। लेकिन इसका एक नुकसान भी है। डाययूरेटिक दवा लेने से शरीर में पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन होने का खतरा अधिक रहता है। इससे शरीर में पोटैशियम या सॉल्ट की कमी होने का चांसेस भी रहते हैं। वहीँ इससे शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स भी कम हो जाते हैं। इलेक्ट्रोललाइट्स की कमी से शरीर में तापमान को नियंत्रित करना मुश्किल होता है। यही कारण है कि ऐसे व्यक्तियों को गर्मी के मौसम में बहुत ज्यादा गर्मी लगती है और बाहर निकलने पर हीटवेव के ये ज्यादा शिकार होते हैं।
एंटी-डिप्रेशन की दवा से भी डिहाइड्रेशन
एक्सपर्ट्स के मुताबिक हाई बीपी के मरीज को एंजियोटेनसिन एंजाइम इंहीबीटर्स दिया जाता है। इसके कारण गर्मी में अचानक बेहोशी आती है, गिर जाना, उल्टी होना जैसे लक्षण होते हैं। इतना ही नहीं, इसमें प्यास भी कम लगती है। इसलिए शरीर को यह ध्यान नहीं रहता है कि कब शरीर में पानी की कमी हो रही है। इतना ही नहीं ऐसे लोगों को पसीना काफी आता है। ब्लड प्रेशर की दवा शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स के संतुलन को खराब करने का काम करती है। इसी तरह एंटी-डिप्रेशन की दवा हालोपेरीडोल, ओलनजापिन और रिसपेरिडॉन भी करती है। ऐसी दवाइयां लेने वालों के शरीर में ज्यादा तापमान हो जाता है। कुछ एंटी-डिप्रेशन की दवा में पसीना बहुत ज्यादा निकल जाता है और बार-बार पेशाब भी होता है। यही कारण है इन दवाइयों को लेने वालों को गर्मी के दिनों में ज्यादा अलर्ट रहने की जरूरत है।
