इनदिनों हर कोई फिट रहने की चाह में कई तरह के वर्कआउट अपना रहा है। इसमें सबसे ज्यादा युवां शामिल हैं। जी हाँ इनदिनों फिट रहने का जुनून बहुत से युवाओं को दिल का मरीज बना रहा है। दरअसल एक दूसरे से बेहतर दिखने की चाह रखने वाले युवा इसी बात को दिमाग में सोचकर डिप्रेशन की तरफ बढ़ रहे हैं। जिसके कारण वे हार्ट अटैक का शिकार हो रहे हैं। इतना ही नहीं हाई प्रोफाइल वाले भी इसका शिकार हो रहे हैं। ऐसे में ये सवाल उठता है कि क्या जवानी के जोश में क्षमता से ज्यादा वर्कआउट करना हार्ट अटैक या दिल की दूसरी बीमारियों के लिए कह्त्र बन रहा है। तो इसी के बारे में जानते हैं कि आखिर कब और कितनी देर तक एक्सरसाइज करना सही है।

ज्यादा वर्कआउट खतरनाक

नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन में पब्लिश एक स्टडी के अनुसार, उच्च तीव्रता वाले एक्सरसाइज दिल के मरीजों में अचानक से कार्डियक अरेस्ट और मौत के खतरे को बढ़ाने का काम करता है। इससे हार्ट रिदम डिसऑर्डर होने का खतरा रहता है। इस शोध में पाया गया कि ज्यादा हार्ड एक्सरसाइज दिल के लिए बेहद खतरनाक है

हार्ड वर्कआउट से कैसा खतरा

जब आप बहुत ज्यादा एक्सरसाइज करते हैं, जिम में ज्यादा ट्रेडमिल पर चलते हैं तो हार्ट रेट और ब्लड प्रेशर पर तेजी से दोगुना असर पड़ने लगता है। जिससे दिल के लिए ऑक्सीजन की ज्यादा जरूरत होती है। वहीँ काफी समय तक ऐसा रहने से हार्ट के लिए सर्कुलेशन में तनाव पैदा होने लगता है, इससे नसों में ब्लॉकेज, ब्लड प्रेशर लो या हार्ट अटैक आने का रिस्क रहता है। एक्सपर्ट के अनुसार, दिनभर फिट रहने की सोचने और खुद को अव्वल दिखाने का असर दिमाग पर भी होने लगता है। कई बार तो ये डिप्रेशन के लक्षण भी हो सकते हैं।

एक्सरसाइज कितनी देर करना सही

बता दें फिजिकल एक्टिविटी से वजन को आसानी से मेंटेन किया जा सकता है। इससे ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल और ब्लड शुगर लेवल कण्ट्रोल में रहता है। एक वयस्क को हर हफ्ते 2 घंटे और 30 मिनट की मोडरेट इंटेंसिटी एक्सरसाइज को अपने डेली routine में शामिल करनी चाहिए। इसमें तेज चलना, साइकिलिंग, वेट ट्रेनिंग, योगा, स्ट्रेचिंग जैसी एक्टिविटीज की जा सकती हैं। बच्चों और किशोर रोजाना 1 घंटे की फिजिकल एक्टिविटी जरू करें।

By tnm

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *