यह बात आपने कई बार सुनी होगी कि किसी भी चीज को जरुरत से ज्यादा नहीं खाना चाहिए। ऐसा ही हमारे शरीर के साथ होता है। शरीर को ढंग से काम करने के लिए पर्याप्त मात्रा में न्यूट्रिएंट्स की जरुरत पड़ती है लेकिन शरीर में यदि किसी भी तरह के पोषक तत्व की मात्रा ज्यादा बढ़ जाए तो कई तरह की समस्याएं होने लगती हैं। ऐसे ही आज आपको इस आर्टिकल के जरिए बताते हैं कि कुछ लोगों का यह मानना होता है कि शरीर में यदि प्रोटीन की मात्रा बढ़ जाए तो यूरिक एसिड की समस्या हो सकती है लेकिन यह बात कितनी सच है आज आपको इस बारे में बताएंगे।
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शरीर के लिए जरुरी है प्रोटीन
प्रोटीन शरीर के लिए बेहद जरुरी न्यूट्रिएंट माना जाता है। इससे शरीर का विकास होता है और सही तरह से काम करने में मदद मिलती है। यह शरीर के सेल्स बनाने में भी मदद करता है। इससे बॉडी को एनर्जी मिलती है और इम्यूनिटी मजबूत बनती है।
प्रोटीन के कारण बढ़ सकता है यूरिक एसिड
कुछ स्थितियों में ज्यादा प्रोटीन लेने से शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा बढ़ सकती है। एक्सपर्ट्स की मानें तो यूरिक एसिड बढ़ने का मुख्य कारण रिफाइंड शुगर और कार्ब्स माने जाते हैं यदि आपके खाने में इन दोनों चीजों की मात्रा ज्यादा हो तो यूरिक एसिड बढ़ सकता है। जब हम लोग जरुरत से ज्यादा शुगर या कार्ब्स खाते हैं तो शरीर में इंसुलिन बनने लगता है। इसके कारण किडनी सही तरीके से यूरिक एसिड को बाहर नहीं निकाल पाती जिसके कारण शरीर में इसकी मात्रा बढ़ सकती है।
डाइट से कम न करें प्रोटीन की मात्रा
यदि आप यूरिक एसिड कम करना चाहते हैं तो बिना डॉक्टर की सलाह के डाइट से प्रोटीन की मात्रा कम न करें। यह हमारी ओवरऑल हेल्थ के लिए बेहद जरुरी होता है। यदि आपको पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन का सेवन नहीं करेंगे तो शरीर में कई छोटी-बड़ी समस्याएं हो सकती है। ऐसे में यदि आप यूरिक एसिड की समस्या से बचना चाहते हैं तो अपनी डाइट में से मीठी चीजें और कार्ब्स की मात्रा कम कर दें। इससे यूरिक एसिड कंट्रोल रहेगा।

क्या होता है यूरिक एसिड?
यूरिक एसिड शरीर में मौजूद वेस्ट प्रोडक्ट होता है। यह डाइजेशन प्रक्रिया के बाद शरीर के द्वारा तैयार होता है जिसको शरीर से बाहर किडनी निकालती है हालांकि जब किडनी इस यूरिक एसिड को बाहर न निकाल पाए तो यह शरीर में इकट्ठा हो जाता है। जब शरीर में इसका स्तर बढ़ जाए तो गाउट गठिया जैसी समस्याएं होती हैं। इसके कारण जोड़ों और हड्डियों में दर्द भी होता है।
लक्षण
जब शरीर में यूरिक एसिड बढ़ जाए तो कई लक्षण दिखते हैं जैसे कि जोड़ों में दर्द या सूजन, पैरों और एड़ियों में दर्द, तलवों का लाल होना, ज्यादा प्यास लगना, बुखार आना, जोड़ों की ऊपरी त्वचा का रंग बदलना, जोड़ों में छोटी-छोटी सख्त गांठे बनना, पीठ के निचले हिस्से में दर्द रहना आदि।

इस बात का भी रखें ध्यान
यदि आपको कोई भी ऐसा लक्षण शरीर में दिखे तो यह यूरिक एसिड बढ़ने के कारण हो सकता है। ऐसे में इससे बचने के लिए डॉक्टर की सलाह लें और बिना सलाह के डाइट से प्रोटीन की मात्रा कम न करें। आप डाइट में से रिफाइंड कार्ब्स और शुगर बाहर निकाल सकते हैं। इससे यूरिक एसिड की मात्रा शरीर से कम होगी।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले डॉक्टर या एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें।
