आपने दूध वाली चाय, ग्रीन टी या फिर अदरक वाली चाय तो कई बार पी होगी लेकिन क्या आपने कभी बोबा टी या पर्ल मिल्क के बारे में सुना है? अगर नहीं तो आज आपको बता दें कि बोबा टी ब्लैक मिल्क टी, मैंगो टी और स्ट्रॉबेरी मिल्क टी जैसे कई फ्लेवर्स में आती है। यह एक तरह की पाउडर वाली ग्रीन टी होती है जिसे दूध, चीनी और टैपिओका मोती के साथ बनाया जाता है। टैपिओका मोती इस चाय को और भी स्पेशल बनाते हैं तो चलिए आज अपने इस आर्टिकले के जरिए आपको बताते हैं बोबा टी पीने के फायदे।
क्या होती है बोबा टी?
यह एक ऐसी टी है जिसकी जड़ें ताइवान में होती है लेकिन अब इसे दुनियाभर में स्वाद से पिया जाता है। 2022 में फ्रंटियर्स इन साइकियाट्री जर्नल में प्रकाशित एक शोध के मुताबिक कई युवा रोज कम से कम एक कप या फिर हफ्ते में तीन कप इस चाय का सेवन करते हैं। यह आमतौर पर ब्लैक, व्हाइट या ग्रीन चाय होती है और इसको दूध और टैपिओका मोती के साथ मिलाया जाता है। स्वाद में यह क्रीमी होती है।

पोषक तत्वों से होती है भरपूर
न्यूट्रिएंट्स जर्नल 2020 में प्रकाशित एक शोध के अनुसार, इस चाय में कैटेचिन, ल्यूटिन और विटामिन-के पाया जाता है जो सेहत के लिए बेहद फायदेमंद होता है। इसके अलावा इसमें विटामिन-सी, प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट्स भी पाए जाते हैं। एक्सपर्ट्स की मानें तो ये पोषक तत्व ऑल ऑवर हेल्थ के लिए बेहद फायदेमंद माने जाते हैं।
इम्यूनिटी बनेगी मजबूत
इस चाय का सेवन करने से इम्यूनिटी मजबूत होगी। इसमें विटामिन-सी पाया जाता है जो एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट्स होता है। 2020 में मॉलिक्यूल्स जर्नल में प्रकाशित एक शोध के अनुसार, यह शरीर की इम्यूनिटी पॉवर को मजबूत करेगा। एक्सपर्ट्स की मानें तो इसमें मौजूद एपिगैलोकैटेचिन गैलेट नाम का एंटीऑक्सीडेंट्स ऑक्सीडेटिव तनाव को दूर करके इम्यूनिटी को मजबूत बनाएगा।
कब्ज से मिलेगी राहत
इस चाय के मोती बनाने के लिए ग्वार गम का इस्तेमाल होता है। डाइजेस्टिव डिजीज एंड साइंसेज जर्नल में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, हाइड्रोलाइज्ड ग्वार गम का सेवन करने से कब्ज से राहत मिलेगी। यह मल त्याग और मल की बनावट को सही रखेगा हालांकि इसका सेवन ज्यादा मात्रा में न करें क्योंकि इसे कम पानी के साथ पीने से मल त्याग पर नेगेटिव असर पड़ेगा।

ब्रेस्ट कैंसर से लड़ने में करेगी मदद
इस चाय को डाइटरी सप्लीमेंट के तौर पर भी लिया जाता है क्योंकि इसमें जरुरी कैंसर विरोधी गुण पाए जाते हैं। एजिंग जर्नल में प्रकाशित 2018 के एक अध्ययन के अनुसार, यह टी स्तन कैंसर की स्टेम कोशिकाओं को रोकने में मदद करती हैं।
मेंटल हेल्थ में करेगी सुधार
यह चाय मेंटल हेल्थ के लिए भी बेहद फायदेमंद मानी जाती है। इसमें एल थीनाइन पाया जाता है जो कि एक एमिनो एसिड होता है जो आपको रिलैक्स देगा। एक्सपर्ट्स के अनुसार, जब इसे कैफीन में मिलाया जाता है तो इसका सेवन करने से घबराहट दूर होती है और आपकी सोचने की क्षमता भी बेहतर होगी।
हड्डियों के लिए फायदेमंद
यह चाय आपकी हड्डियों को भी मजबूत बनाने में मदद करेगी। इसका सेवन करने से हड्डियों के फ्रैक्चर का जोखिम भी कम होगा। 2009 में न्यूट्रिशन रिसर्च जर्नल में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, ग्रीन टी बाकी चाय की तुलना में हड्डियों में विटामिन्स के घनत्व को बढ़ाने में अधिक फायदेमंद साबित हुई थी। ऐसा इसके उच्च स्तर के पौधे यौगिकों के कारण होगा जो एंटीऑक्सीडेंट क्षमता को बढ़ाने में मदद करेगा।

वजन घटाने में करेगी मदद
अगर आप वजन कम करने की कोशिश कर रहे हैं तो यह चाय आपके लिए एक अच्छा ऑप्शन रहेगी। ग्रीन टी की तरह, यह चाय भी अपने हेल्थ बेनिफिट्स के कारण वजन कम करने में मदद करेगी। फ्रंटियर्स इन न्यूट्रिशन में प्रकाशित 2022 के एक अध्ययन के अनुसार शोधकर्ताओं ने पाया कि बोबा टी हाई फैट्स वाली डाइट के कारण होने वाले मोटापे को कम करने में मदद करेगी।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले डॉक्टर या एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।
