Hodgkin’s Disease यह नाम शायद आपने पहली बार सुना हो लेकिन आपको बता दें कि यह एक तरह का ब्लड कैंसर होता है। लिम्फ प्रणाली में यह कैंसर फैलता है। लिम्फ प्रणाली शरीर के इम्यून सिस्टम का ही हिस्सा होती है। इस रोग में लिम्फ नोड्स में असामान्य और कैंसरयुक्त लिम्फोसाइट्स बनने लगते हैं जिससे शरीर इंफेक्शन से लड़ने में कमजोर हो जाती है। हॉजकिन रोग मुख्यतौर पर 15-35 साल की उम्र के युवा वयस्कों और 55 साल से ज्‍यादा उम्र के लोगों में देखा जाता है हालांकि इस बीमारी का साफ कारण अभी तक पता नहीं चल पाया है, लेकिन कुछ मामलों में यह एपस्टीन-बार वायरस (EBV) से जुड़ा हो सकता है। हॉजकिन रोग के सर्वाइवल रेट की अगर हम बात करें, तो सही समय पर इलाज करवाने से रोगी के बचने की संभावना बहुत ज्‍यादा होती है, खासकर अगर यह बीमारी शुरुआती अवस्था में हो। इस आर्टिकल के जरिए आज आपको हॉजकिन रोग के लक्षण, कारण और उसके उपचार के बारे में बताएंगे।

हॉजकिन रोग के लक्षण

इस रोग के लक्षण धीरे-धीरे विकसित होते हैं और कई बार अन्य सामान्य बीमारियों जैसे लग सकते हैं।

. यह रोग सबसे पहले गर्दन, बगल या कमर के लिम्फ नोड्स में सूजन के रूप में नजर आता है। ये सूजन दर्द रहित होती है।

. शरीर में लगातार कमजोरी और थकान महसूस होना।

. बिना किसी कारण के लगातार बुखार आना और रात में पसीने से भीग जाना।

. बिना किसी प्रयास के अचानक वजन कम होना।

. खांसी और सांस लेने में परेशानी होना।

. शरीर में सामान्य से ज्यादा खुजली होना।

. पेट में दर्द या सूजन होना।

कारण

इस बीमारी का सटीक कारण का पता अब तक नहीं चल पाया है, लेक‍िन कुछ संभाव‍ित कारण हो सकते हैं जैसे

. जो लोग एपस्टीन-बार वायरस (EBV) से संक्रमित हो चुके हैं, उनमें हॉजकिन रोग का जोखिम बढ़ सकता है।

. यदि परिवार में किसी को लिम्फोमा कैंसर (Cancer) हो चुका है, तो इस बीमारी का जोखिम ज्‍यादा हो सकता है।

. जिन लोगों की इम्‍यून‍िटी कमजोर है, जैसे एचआईवी संक्रमित लोग, उनमें यह रोग विकसित होने का खतरा ज्‍यादा होता है।

. पुरुषों में इस बीमारी का जोखिम महिलाओं की तुलना में ज्‍यादा होता है।

इलाज

हॉजकिन रोग का इलाज इसके स्टेज पर निर्भर करता है।

.कीमोथेरेपी का इस्‍तेमाल कैंसर कोशिकाओं को मारने के लिए इस्‍तेमाल होता है।

. रेडियोथेरेपी में लिम्फ नोड्स पर रेडिएशन किरणों का इस्‍तेमाल करके कैंसर कोशिकाओं को नष्ट क‍िया जाता है।

. अगर कीमोथेरेपी और रेडियोथेरेपी काम नहीं करते, तो स्टेम सेल ट्रांसप्लांट की मदद ली जाती है। इसमें रोगी की स्वस्थ स्टेम कोशिकाओं का प्रत्यारोपण किया जाता है।

.कुछ मामलों में इम्यूनोथेरेपी का इस्‍तेमाल हो सकता है, जो शरीर की इम्‍यून‍िटी को कैंसर कोशिकाओं के खिलाफ लड़ने में मदद करता है।

ऐसे करें अपना बचाव

हॉजकिन रोग से बचने का कोई निश्चित तरीका नहीं है, लेकिन कुछ उपाय इस बीमारी के जोखिम को कम कर सकते हैं।

. बैलेंस्ड डाइट और नियमित एक्‍सरसाइज इम्‍यून‍िटी को मजबूत करते हैं, जिससे कैंसर का जोखिम कम हो सकता है।

. एपस्टीन-बार वायरस से संक्रमित होने से बचने के लिए सावधानी बरतें, जैसे संक्रमित लोगों के संपर्क में आने से बचें।
इम्‍यून‍िटी को मजबूत रखने के लिए हेल्दी डाइट और पूरी नींद लें।

. इंफेक्‍शन से बचने के लिए साफ-सफाई का ध्‍यान रखें और अपने आस-पास स्‍वच्‍छता बनाए रखें।

हॉजकिन रोग एक गंभीर लेकिन इलाज योग्य कैंसर है। इसके शुरुआती लक्षणों को पहचानकर इलाज लेने से इसे आसानी से कंट्रोल कर सकते हैं।

By tnm

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