गर्मी का कहर हर जगह जारी है। ऐसे में दिल्ली-एनसीआर में पिछले पांच दिनों से तापमान 45 से 46 डिग्री रिकॉर्ड बना हुआ है। वहीँ इतनी ज्यादा गर्मी होने की वजह से सांस व अस्थमा पेशेंट की हालत खराब हो रही है। इतना ही नहीं आम लोग भी आग उगलती इस गर्मी से परेशान होने लगे हैं। ऐसे में गर्मी से बचने के लिए एसी, कूलर व पंखों का सहारा लिया जाता है। लेकिन बता दें ac, कूलर और पंखों ने भी इस गर्मी में सही से काम करना बंद कर दिया है। इसी को देखते हुए उर्जा मंत्रालय की तरफ से कुछ जानकारी शेयर की गयी है। उन्होंने बताया है कि किस तरह से एसी को यूज़ करना है ताकि उसका उल्टा असर सेहत पर न पड़ सके। वहीँ पर्यावरण को सुरक्षित रख सकें।
कितने पर चलायें एसी
उर्जा मंत्रालय की तरफ से दिए टिप्स में कहा गया है कि एसी को 26 डिग्री तापमान में सेट करके ही चलायें। इसी के साथ यूजर कम करके पनका भी चला सकता है।
सारा दिन एसी में बैठने से बचें
उनके मुताबिक सारा दिन एसी में बैठने से तबियत ख़राब हो सकती है। वहीँ अगर एसी में रहना है तो 2- 22 डिग्री तापमान में न चलायें।
कितना तापमान सहन करता है मानव शरीर
बता दें मानव शरीर का तापमान 37 डिग्री सेल्सियस होता है। ऐसे में इंसान 23 डिग्री से 39 डिग्री के बीच रह सकता है। इसलिए एसी के तापमान को 26 डिग्री पर सेट करके चलाना ही समझदारी है। इससे सेहत को भी कोई नुकसान नहीं होता है।
हाइपोथर्मिया की दिक्कत हो सकती है
उर्न्जा मंत्रालय ने कहा कि अगर एसी को 18 – 20 डिग्री के तापमान में चलते हैं तो इससे हाइपोथर्मिया की दिक्कत हो सकती है। इसमें शरीर के कुछ हिस्सों में खून की सप्लाई ठीक से नहीं हो पाती है। वहीँ अगर ये कंडीशन लम्बे समय तक हो तो इससे शरीर को अन्य कई बीमारियाँ होने का भी खतरा रहता है।
टोक्सिंस बाहर नहीं आ पाते हैं
उनके मुताबिक सारा दिन एसी में रहने से पसीना नहीं निकलता है। ऐसे में शरीर से टोक्सिंस भी बाहर नहीं निकल पाते हैं। वहीँ इसी कारण से शरीर में कई दिक्कतें हो सकती हैं।
बिजली की बचत हो सकती है
उर्जा मंत्रालय की तरफ से दिए गये टिप्स में ये भी बताया गया है कि अगर रात में एसी को 26 डिग्री तापमान में चलाया जाये तो इससे 5 यूनिट तक की बचत हो सकती है। वहीँ अगर अन्य 10 लाख घर इस प्रोसेस को फॉलो करें तो हर रोज 5 मिलियन यूनिट की बचत की जा सकती है।
