गर्मी के कारण जहाँ कई तरह की बीमारियाँ लोगों को अपनी चपेट में ले रही है, वहीँ कोरोना के नये वैरिएंट flirt के केस भी देखने को मिल रहे हैं। साथ ही अब भारत में बर्ड फ्लू का भी एक केस सामने आया है। आपको बता दें ऑस्ट्रेलिया में इंसान में बर्ड फ्लू वायरस का पहला मामला सामने आया है। वहीँ जिसे ये हुआ है वो बच्चा कुछ सप्ताह पहले भारत में रहते हुए इस संक्रमण का शिकार हुआ था। बुधवार को मीडिया की एक खबर में यह जानकारी दी गयी है। लेकिन बच्चा अब स्वस्थ है।
एच5एन1 फ्लू का शिकार
आपको बता दें विक्टोरिया में एक बच्चे में संक्रमण की पुष्टि हुई है , जो ऑस्ट्रेलिया में बर्ड फ्लू का पहला मामला है। बच्चा भारत में रहते हुए एच5एन1 फ्लू का शिकार हुआ था और इस साल मार्च के महीने में बीमार था। वहीँ विक्टोरिया स्वास्थ्य विभाग ने एक्स पर कहा, विक्टोरिया में मनुष्य में बर्ड फ्लू ए (एच5एन1) संक्रमण का एक मामला दर्ज किया गया। विक्टोरिया में संक्रमण के फैलने का कोई संकेत नहीं है और दूसरे लोगों में इसके फैलने की आशंका भी बेहद कम है क्योंकि बर्ड फ्लू आसानी से लोगों के बीच नहीं फैलता है।
किस तरह से इंसानों में फैलता है बर्ड फ्लू
बता दें बर्ड फ्लू को एवियन इन्फ्लुएंजा कहा जाता है। जो एक वायरल इन्फेक्शन ही है। ये पक्षियों से पक्षियों में फैलता है और ज्यादातर पक्षियों के लिए जानलेवा भी साबित होता है। यदि मनुष्य किसी संक्रमित जानवर के शरीर के तरल पदार्थ, जैसे थूक (लार), श्वसन बूंदें या पूप (मल) के संपर्क में आता है। तो उन्हें बर्ड फ्लू होने की आशंका रहती है। यह वायरस जानवरों के आवास में छोटे धूल कणों से सांस के माध्यम से भी इंसानों में चला जाता है। संक्रमित जानवर के शरीर के तरल पदार्थों को छूने के बाद अगर इंसान अपनी आंखों, नाक या मुंह को छुए तो भी वायरस उनके अन्दर जाने का खतरा रहती है।
इंसानों में बर्ड फ्लू के लक्षण
हल्का बुखार आना
गले में खराश होना
खांसी, नाक से पानी आना
उल्टी या जी मितलाना
थकान, कमजोरी महसूस होना
डायरिया होना
मांसपेशियों में बहुत तेज ऐंठन होना
सांस लेने में दिक्कत होना
आंखों में कंजक्टिवाइटिस का होना शामिल है
बर्ड फ्लू से बचाव के उपाय
पूरे शरीर को ढक कर पौल्र्टी फार्म में जाएँ
हाथ में गलव्स, चेहरे पर मास्क और आंखों में गोगल्स पहन लें
वहां से आने के बाद हाथ-पैर को अच्छी तरह धो लें
अगर यह कंफर्म हो गया है कि किसी पॉल्ट्री फॉर्म में बर्ड फ्लू के मामले आ गए हैं तो वहां जाने से बचें
एवियन इंफ्लूएंजा के लिए वैक्सीन भी उपलब्ध होती है। यदि कहीं बर्ड फ्लू के मामले आ गए हैं तो वहां के लोगों को इसका टीका जरूर लगाना चाहिए।
वहीं अगर बर्ड फ्लू के लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर को दिखा लें।
