इन दिनों ज्यादातर लोग दिल से जुड़ी बीमारियों का सामना कर रहे हैं। इसका कारण खराब-खानपान, स्ट्रेस और एक्सरसाइज नहीं करना है। आज के दौर में भी कम ही लोग की बीमारियों को लेकर जागरुक हैं, यही वजह है कि हर साल 29 सितंबर को वर्ल्ड हार्ट डे मनाया जाता है। इस दिन का एकमात्र यही उद्देश्य है कि लोग अपने दिल का ख्याल रखें। एक्सपर्ट्स का कहना है कि पहले दिल की बीमारियां सिर्फ बड़े-बुजुर्गों में देखी जाती थी लेकिन अब तो युवाओं और बच्चों में भी ये समस्या बढ़ती दिख रही है। ऐसे में सेहत पर ध्यान देना जरूरी है ताकि दिल को गंभीर रोगों से बचा जाए। आइए एक्सपर्ट से जानते हैं कि बच्चों को दिल की बीमारियों से कैसे बचाया जाए।
नींद सुधारें
एक्सपर्ट कहती हैं कि स्क्रीन टाइम के चलते बच्चों की नींद पर असर पड़ता है। इससे स्लीप पैटर्न प्रभावित होता है, देर से सोना और रात में कई बार उठना दिल की सेहत के लिए बिल्कुल भी ठीक नहीं है। छोटे बच्चों को कम से कम 8-10 नींद लेने दें।

जंक फूड से बनवाएं दूरी
आजकल के बच्चे जंक फूड के दीवाने हैं, उन्हें बर्गर, पिज्जा, मोमोज और चिप्स जैसी चीजें बेहद पसंद होती हैं। यदि आपका बच्चा भी ऐसा है तो उन्हें इन चीजों से दूर रखें। इनमें आवश्यक पोषक तत्वों की कमी होती है, बच्चों को हेल्दी डाइट के बारे में बताएं।
गैजेट्स से दूर रखें
तकनीक की दौर में सभी इसकी चपेट में आ गए हैं, सभी काम मोबाइल पर हो जाते हैं। बच्चों को इसकी लत लग गई है लेकिन ये खराब आदत उनके दिल के लिए ठीक नहीं है। सुबह उठते ही बच्चे फोन की जिद करते हैं या पूरा दिन उसी पर बिता देते हैं। कोशिश करें कि रोजाना 1 से डेढ़ घंटे से ज्यादा बच्चों को फोन न दें। उन्हें आउटडोर गेम्स खेलने के लिए प्रोत्साहित करें।

एक्सरसाइज करवाएं
अक्सर माता-पिता बच्चों की फिजिकल एक्टिविटी के बारे में भूल जाते हैं, लेकिन छोटी उम्र में उन्हें हल्की-फुल्की एक्सरसाइज के बारे में बताएं। कोशिश करें कि हर दिन कम से कम 30 मिनट की फिजिकल एक्टिविटी करे। उन्हें ऐसे खेल खिलाएं जिसे वो एंजॉय करें।
