आपकी डाइट का असर आपकी सेहत पर देखने को मिलता है। भोजन में पौष्टिक डाइट लेने से आपका कई बीमारियों से बचाव होता है लेकिन, आज के समय कामकाज के चलते लोगों को खाने का समय ही नहीं मिलता। इसका सीधा असर सेहत पर पड़ता है। वहीं दूसरी ओर कई तरह की फिटनेस डाइट लोगों के बीच लोकप्रिय हो रही है। ऐसे में कई लोगों के द्वारा डाइट से कार्बोहाइइड्रेट को हटाया जाने लगा है हालांकि कुछ लोगों के लिए यह फायदेमंद हो सकती है, लेकिन सभी के लिए इसमें एक जैसा प्रभाव नहीं देखा जाता। इस तरह की डाइट का प्रभाव ब्रेन हेल्थ पर पड़ सकता है। एक्सपर्ट्स के अनुसार कार्बोहाइड्रेट ब्रेन के लिए एनर्जी का सोर्स होता है। इससे ब्रेन से जुड़ी समस्याएं होने का खतरा ज्यादा बढ़ सकता है।

कार्बोहाइड्रेट क्या होते हैं?

एक्सपर्ट्स के अनुसार कार्बोहाइडेट दो तरह के होते हैं, इनको सिंपल कार्ब्स और कॉम्पलेक्स कार्ब्स के रूप में जानते हैं। सिंपल कार्ब्स मिठाई और शुगर ड्रिंक्स में मौजूद होते हैं जबकि, कॉम्पलेक्स कार्ब्स, सिंपल कार्ब्स की तुलना में ज्यादा पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं। इनमें फाइबर की मात्रा ज्यादा होती है और ये धीरे-धीरे पचते हैं। इससे वजन कंट्रोल में रहता है।

मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ेगा असर

कार्बोहाइड्रेट मस्तिष्क के कार्य के लिए जरुरी हैं। यह ग्लूकोज प्रदान करते हैं, जो ब्रेन की एनर्जी का प्राइमरी सोर्स होता है। डाइट से कार्ब्स को कम करने से आपका मूड और मेंटल हेल्थ प्रभावित हो सकती है। जीरो डाइट से लोगों में चिड़चिड़ापन, मूड स्विंग हो सकता है। इसके अलावा, कार्ब्स की कमी से सेरोटोनिन का लेवल कम हो सकता है, जो स्ट्रेस और एंग्जायटी को कारण बन सकता है।

मांसपेशियों का नुकसान

कार्बोहाइड्रेट मांसपेशियों को बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। एक्सरसाइज के दौरान ग्लाइकोजन को दोबारा से स्टोर करने के लिए कार्बोहाइड्रेट जरुरी होते हैं लेकिन, जीरो कार्ब डाइट से मसल्स लॉस हो सकता है। पर्याप्त ग्लाइकोजन के बिना शरीर एनर्जी के लिए अमीनो एसिड का प्रयोग करने के लिए मांसपेशियों के टिश्यू को ब्रेक कर सकता है।

कीटोसिस और कीटो फ्लू

जीरो कार्ब डाइट कीटोसिस स्थिति को एक्टिवेट कर सकती है। इसमें शरीर कार्बोहाइड्रेट की जगह एनर्जी के लिए फैट बर्न करता है। कुछ लोग इसे फायदे की तरह देखते हैं लेकिन यह सभी के लिए फायदेमंद नहीं हो सकता। इसके साइड इफेक्ट को कीटो फ्लू के रूप में जाना जाता है इसमें सिरदर्द, थकान, चक्कर आना, चिड़चिड़ापन और सोने में परेशानी हो सकती है।

पोषक तत्वों की कमी

जीरो कार्ब डाइट पोषक तत्वों की कमी का कारण बन सकती है। फलों, सब्जियों और साबुत अनाज में विटामिन, मिनरल्स और कार्बोहाइड्रेट मौजूद होता है। जीरो कार्ब्स डाइट फॉलो करने के लिए आपको कई तरह की चीजों को डाइट से हटाना पड़ता है। ऐसे में आपको पोषण की कमी से जूझना पड़ सकता है।

हृदय रोग का जोखिम

जीरो डाइट अक्सर वजन कम करने के लिए ली जाती है यह आपके हृदय रोग के जोखिम को बढ़ा सकता है। सैचुरेटेड फैट लेने से खराब कोलेस्ट्रॉल यानी एलडीएल का स्तर बढ़ सकता है, जिससे नसों में प्लाक बन सकता है। यह हृदय रोग और स्ट्रोक कारण भी बन सकता है। वहीं, फाइबर युक्त डाइट न लेने से भी हार्ट पर बुरा असर पड़ सकता है।

जीरो कार्ब्स डाइट के फायदे और नुकसान दोनों हो सकते हैं, यह व्यक्ति के शरीर की प्रकृति के आधार पर निर्भर करता है। कुछ लोगों को जीरो कार्ब्स डाइट से वजन घटाने, ब्लड शुगर को कंट्रोल करने में मदद मिलती है लेकिन, कुछ लोगों में इसकी वजह से पोषण में कमी, मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ सकता है और हार्ट संबंधी समस्याएं देखने को मिल सकती है।

By tnm

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