जालंधर के प्रतिष्ठित एन.एच.एस (NHS) अस्पताल द्वारा ‘अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026’ बेहद उत्साह और ऊर्जा के साथ मनाया गया। अस्पताल परिसर में सुबह 7 बजे आयोजित इस विशेष सत्र में अस्पताल के सभी निदेशकों, कंसल्टेंट डॉक्टरों और 50 से अधिक स्टाफ सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में शारीरिक फिटनेस, मानसिक शांति और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति समाज में जागरूकता फैलाना था।
योग विशेषज्ञों की देखरेख में हुआ सत्र
इस योग सत्र का संचालन दो अनुभवी योग प्रशिक्षकों द्वारा किया गया। उन्होंने प्रतिभागियों को तनाव मुक्त रहने, शरीर का लचीलापन बढ़ाने और एकाग्रता में सुधार करने के लिए विभिन्न योगासनों, प्राणायाम और ध्यान (Meditation) की बारीकियों से अवगत कराया। डॉक्टरों और स्टाफ ने विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में योगाभ्यास किया और स्वस्थ जीवन के टिप्स सीखे।
योग दिवस पर मना दोहरा जश्न
अस्पताल के लिए यह अवसर उस समय और भी विशेष हो गया, जब योग सत्र के बाद एन.एच.एस अस्पताल परिवार ने अस्पताल की निदेशक एवं प्रसिद्ध बांझपन रोग विशेषज्ञ (Infertility Specialist) डॉ. विभा चितकारा का जन्मदिन मनाया। अस्पताल स्टाफ ने बेहद खुशनुमा माहौल में केक काटकर डॉ. चितकारा को शुभकामनाएं दीं, जिसने स्वास्थ्य और खुशियों के इस संगम को और भी यादगार बना दिया।
अस्पताल के विशेषज्ञ डॉक्टरों और निदेशकों ने साझा किए विचार:
डॉ. संदीप गोयल (निदेशक एवं डी.एम. न्यूरोलॉजी):
“योग हमारे मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र (Nervous System) को सक्रिय और स्वस्थ रखने का सबसे प्रभावी माध्यम है। मानसिक तनाव को दूर करने के लिए हर व्यक्ति को योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाना चाहिए।”
डॉ. शुभांग अग्रवाल (निदेशक एवं एम.सी.एच. ऑर्थोपेडिक्स):
“एक सक्रिय जीवन के लिए स्वस्थ शरीर ही सबसे मजबूत नींव है। नियमित योगाभ्यास से जोड़ों के स्वास्थ्य, शारीरिक संतुलन और बॉडी पोस्चर में बेहतरीन सुधार होता है। आज हमारे स्टाफ का उत्साह काबिले तारीफ है।”
डॉ. नवीन चितकारा (निदेशक एवं एम.सी.एच. न्यूरोसर्जरी):
“आज की आधुनिक और तेज रफ्तार जिंदगी में शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए समय निकालना बेहद जरूरी हो गया है। योग शरीर और मन दोनों को सशक्त बनाता है।”
डॉ. शैली गोयल, डॉ. विभा चितकारा और डॉ. रिंकू अग्रवाल (निदेशक मंडल):
निदेशकों ने संयुक्त रूप से कहा, “एक स्वस्थ जीवनशैली की शुरुआत छोटी और अच्छी आदतों से होती है, जिसमें योग सर्वोत्तम है। ऐसी गतिविधियां हमें शारीरिक रूप से फिट, मानसिक रूप से शांत और पेशेवर रूप से अधिक प्रोडक्टिव (उत्पादक) बनाती हैं।”
कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रतिभागियों के लिए पौष्टिक रिफ्रेशमेंट की व्यवस्था की गई। एन.एच.एस अस्पताल प्रबंधन ने भविष्य में भी इस तरह के स्वास्थ्य और फिटनेस से जुड़े कार्यक्रम आयोजित करने का संकल्प दोहराया। प्रबंधन ने स्वास्थ्य कर्मियों को अपनी सेहत को प्राथमिकता देने और मरीजों को उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रेरित किया।
