आजकल के गलत खान-पान के चलते कम उम्र में ही लोगों का कोलेस्ट्रॉल बढ़ने लगा है। बाहरी खाने में खराब तेल इस्तेमाल होता है ऐसे में यदि आप इसका सेवन करते हैं तो शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल बढ़ने लग जाता है। कोलेस्ट्रॉल एक वैक्स जैसा पदार्थ होता है जो लिवर से निकलता है। जब आप अंडा, मीट, मछली, दूध या फिर उससे बने प्रोडक्ट्स खाते हैं तो शरीर को कोलेस्ट्रॉल मिलता है वहीं नारियल का तेल, पार्म कर्नेल ऑयल, ताड़ के तेल में मौजूद सैचुरेटेड फैट शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ा देगा ऐसे में यदि आप कोलेस्ट्रॉल के मरीज हैं तो कोई भी तेल सोच समझकर करें।

हार्ट अटैक और स्ट्रोक का रहेगा खतरा

शरीर को कोशिकाओं को स्वस्थ रखने के लिए कोलेस्ट्रॉल जरुरी होता है लेकिन यह सही लेवल में होना जरुरी होता है। यदि आप ज्यादा ऑयली खाना खाएंगे, वर्कआउट कम करेंगे या खराब लाइफस्टाइल के कारण शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ जाएगा इससे आपकी नसें जाम भी हो सकती हैं और ब्लड के फ्लो पर भी असर होता है। इसके कारण हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बढ़ सकता है।

 

मूंगफली का तेल

यह तेल बहुत अच्छा होता है। इसको आप कुकिंग के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं। यह शरीर में गुड कोलेस्ट्रॉल बढ़ाने और बैड कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करेगा। इसके अलावा मूंगफली का तेल दिल के लिए भी अच्छा होता है। आप इसको फ्राइंग के तौर पर भी इस्तेमाल कर सकते हैं।

चिया के बीजों से बना तेल

यह तेल भी सेहत के लिए अच्छा होता है। इसमें ओमेगा-3 फैटी एसिड मौजूद होता है जो आपके हार्ट को हेल्दी बनाएगा। हल्की कुकिंग के लिए, ड्रेसिंग के लिए आप इस तेल का इस्तेमाल कर सकते हैं।

जैतून का तेल

यह तेल भी आपके लिए फायदेमंद रहेगा क्योंकि इसमें कोलेस्ट्रॉल नहीं होता। इसको हेल्दी माना जाता है इसमें मोनोअनसैचुरेटेड फैट पाया जाता है। ऐसे में यदि आप धीमी आंच पर इसे पकाएंगे तो यह सेहत के लिए सही रहेगा। सलाद और पास्ता जैसी चीजों में आप टॉपिंग के लिए इसका इस्तेमाल कर सकते हैं।

एवोकाडो तेल

यह तेल भी मोनोअनसैचुरेटेड फैट्स का अच्छा स्त्रोत माना जाता है। यह आपकी सेहत के लिए भी फायदेमंद होता है। इसको खाने से बैड कोलेस्ट्रॉल कम करने में मदद मिलेगी। इसका इस्तेमाल आप सलाद या फिर खाने की ड्रेसिंग के लिए कर सकते हैं।

तिल का तेल

सर्दियों में इस तेल का इस्तेमाल करना सही रहेगा। यह गर्म होता है इसके अलावा यह कोलेस्ट्रॉल फ्री होता है। तिल के तेल 1 चम्मच में 5 ग्राम से ज्यादा मोनोअनसैचुरेटेड फैट्स, 2 ग्राम सैचुरेटेड फैट्स और गुड फैट्स मौजूद होता है। इसका इस्तेमाल सब्जियों को बनाने के लिए इस्तेमाल होता है।

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले डॉक्टर या एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें।

By tnm

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