पूरी नींद लेना किसको पसंद नहीं होता। हर कोई यही चाहता है कि वह पूरा सोए और मजे करे। जिंदगी में जितनी जरुर खाने और पानी की होती है उतनी ही जरुरी नींद भी है। जब आप पूरी नींद लेते हैं तो शरीर को आराम मिलता है और वह खुद को रिपेयर कर पाता है। अच्छी नींद लेने से दिमाग के फंक्शन भी अच्छे से काम करते हैं। ऐसे में यदि आप अच्छी नींद नहीं लेंगे तो दिमाग के साथ-साथ आपके शरीर पर भी उल्टा असर होगा।
नींद न आने से होगी ये बीमारियां
यदि आप पूरी नींद नहीं लेंगे तो डिप्रेशन, हाई ब्लड प्रेशर, माइग्रेन जैसी गंभीर दिक्कतें हो सकती हैं। इससे आपकी इम्यूनिटी पर भी असर होगा। मेटाबॉल्जिम में नींद बहुत जरुरी होती है। यदि आप एक रात भी अच्छे से नहींं सोएंगे तो आपके शरीर में प्रीडायबिटीक जैसे लक्षण दिख सकते हैं ऐसे में आप 7-8 घंटे की नींद जरुर लें। यदि आप नींद नहीं लेंगे तो आपका दिमाग की क्षमता और मेमोरी उतनी तेज नहीं रहेगी। खासतौर पर जो लोग एपिलेप्सी से जूझ रहे लोग यदि अच्छे से न सोएं तो उन्हें दौरे भी पड़ सकते हैं।

सोचने की क्षमता पर होगा असर
एक रिसर्च में कहा गया है कि कम सोने से आपका दिमाग डैमेज होगा। इससे आप कई तरह की बीमारियों का भी शिकार हो सकते हैं। ऐसे में यदि आप भी रात को फिल्म देखते हैं और तीन बजे तक जागते हैं तो लंबे समय तक यह आदत आपके दिमाग को प्रभावित करेगी। चूहों पर हुई रिसर्च में बताया था कि इससे सोचने और समझने की क्षमता और निर्णय लेने पर गहरा असर होगा। इसके अलावा आप चिड़चिड़ेपन से भी जूझ सकते हैं।
ऐसे निपटें बार-बार नींद आने से
अपना लाइफस्टाइल बैलेंस करें। समय पर सोएं और जागें। यह कोशिश करें कि 9-10 बजे तक सो जाएं और सुबह जल्दी जागें। दिन में एक्सरसाइज जरुर करें और मेडिटेशन करें। इससे भी आपको अच्छी नींद आएगी। सोने से पहले आप चाय, कॉफी या शराब न पिएं। खाने के तुरंत बाद न सोएं। डिनर करीबन सोने से 2-3 घंटे पहले करें। इसके अलावा सोने से पहले अपनी आंखों को स्क्रीन लाइट से दूर करें।

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले डॉक्टर या एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें।
