हाल ही में पंजाबी सिंगर और एक्टर दिलजीत दोसांझ ने अपने स्ट्रेस और टेंशन को कंट्रोल करने के लिए अपनाए गए उपायों के बारे में खुलकर बात की। उन्होंने योग को एक महत्वपूर्ण साधन बताया, जो उन्हें मानसिक शांति और शारीरिक संतुलन बनाए रखने में मदद करता है। दिलजीत ने कहा, मुसीबत तो आएगी, टेंशन तो आएगी लाइफ में। मुझे जितना टेंशन रोज आती है, मैं बता भी नहीं सकता। इसके साथ ही उन्होंने योग को केवल एक व्यायाम न मानते हुए इसे एक यात्रा के रूप में बताया, जो जीवन को सही दिशा देता है।
स्ट्रेस और एंग्जाइटी में अंतर
स्ट्रेस और एंग्जाइटी, दोनों ही मानसिक स्वास्थ्य के लिए चुनौतीपूर्ण स्थितियां हैं, लेकिन इनके लक्षण और कारण कुछ अलग होते हैं। अक्सर लोग इन दोनों के बीच अंतर को नहीं समझ पाते, क्योंकि उनके लक्षण समान होते हैं। जैसे कि दिल की धड़कन का तेज होना, ब्रीदिंग में समस्या आना, या फिर डायरिया और कब्ज जैसी समस्याएं होना। हालांकि दोनों के बीच थोड़ा सा अंतर होता है।
स्ट्रेस क्या है?
स्ट्रेस एक शॉर्ट-टर्म स्थिति है, जो आमतौर पर हमारे आसपास की परिस्थितियों से उत्पन्न होती है। उदाहरण के तौर पर ऑफिस में काम का बोझ, किसी करीबी से झगड़ा या कोई लंबी बीमारी। स्ट्रेस के कारण गुस्सा आना, अकेलापन महसूस होना, चिड़चिड़ापन, या जी मिचलाना जैसी समस्याएं हो सकती हैं। अगर इसे सही तरीके से मैनेज न किया जाए तो यह डिप्रेशन का कारण भी बन सकता है।
क्या है एंग्जाइटी
एंग्जाइटी एक लंबी अवधि तक बनी रहने वाली चिंता होती है, जो बिना किसी स्पष्ट कारण के उत्पन्न होती है। इसके लक्षणों में बेचैनी, बिना किसी कारण के डर लगना, पसीना आना, दस्त या कब्ज होना, नींद की समस्याएं और घबराहट महसूस होना शामिल हैं। एंग्जाइटी को ट्रिगर करने वाला कोई एक कारण नहीं होता, और यह अक्सर बिना चेतावनी के उत्पन्न होती है।
मूड स्विंग्स और उनके कारण
मूड स्विंग्स एक अलग प्रकार की मानसिक स्थिति होती है, जो किसी व्यक्ति के इमोशनल स्टेट में अचानक बदलाव की वजह से उत्पन्न होती है। मूड स्विंग्स के दौरान व्यक्ति बिना किसी कारण के बेहद खुश या उत्साहित हो सकता है और फिर अचानक उदास या चिड़चिड़ा भी महसूस कर सकता है। इसकी मुख्य वजह लाइफस्टाइल, जैसे कि घर या जॉब बदलना, पर्याप्त नींद न लेना, या हार्मोनल बदलाव हो सकते हैं।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले डॉक्टर या एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें।
