नाखूनों के पास की स्किन जब फटती है या छिलती है तो व्यक्ति परेशान हो जाता है, लेकिन ये एक आम समस्या है और कुछ ही दिनों में अपने आप ठीक भी हो जाती है। पर कई बार लोग बार-बार इस स्थिति से जूझने लगते हैं। उनके नेल क्यूटिकल्स हर थोड़े या कुछ दिनों में छिल जाते हैं। फिर इस वजह से प्रभावित हिस्सों पर तेज जलन, खासकर खाना खाते समय या नहाते समय साबुन-शैम्पू के संपर्क में आने पर तेज टीस होना। ये संक्रमण का कारण भी बन सकती है। ऐसे में अगर आपको भी इन सब चीजों का सामना करना पड़ता है तो इस आर्टिकल में बताईं गईं कुछ आसान टिप्स आपके लिए फायदेमंद हो सकती हैं।
बार-बार क्यों छिलती है नाखूनों के पास की स्किन?
मेडिकल भाषा में इसे हैंगनेल (Hangnails) कहते हैं। ऐसा बार-बार हाथ धोने से होता है, क्योंकि तब स्किन ड्राई पड़ जाती है और छिलने लगती है, पोषण की कमी के चलते भी ऐसा हो सकता है, लंबे समय तक पानी के संपर्क में रहने या धूल-मिट्टी, बैक्टीरिया के संपर्क में आने पर या फिर गलत तरीके से नेल केयर करने से भी ये समस्या बढ़ जाती है।
टिप्स
मॉइस्चराइजर
ऐसे में अगर आप चाहते हैं कि आपके साथ ऐसा न हो तो सबसे पहले हाथों को मॉइस्चराइज करें। जिसके लिए एक अच्छे और थिक मॉइस्चराइजर, हाइड्रेटिंग हैंड क्रीम या क्यूटिकल ऑयल का इस्तेमाल कर सककते हैं। ऐसे में अगर आपकी स्किन ड्राई है तो बार-बार हाथ न धोएं।
न ही काटें और छीलें
बहुत से लोग होते हैं जिन्हें दांतों से नाखून काटने की आदत होती है। अगर आप ऐसा करते हैं तो हैंगनेल की परेशानी बढ़ जाती है और संक्रमण भी हो सकता है। इसलिए कोशिश करें कि अपने क्यूटिकल्स को काटने या छीलने से बचें।
गर्म पानी में सोकें
क्यूटिकल्स ज्यादा छिलने लगे हैं तो कुछ 10 से 15 मिनट के लिए हाथों को हल्के गर्म पानी में डुबोकर रखें। जब आपको लगे कि ये मुलायम हो चुके हैं तो नेलकटर या क्यूटिकल कटर की मदद से बाहर निकली खाल को काट लें। दांतों का इस्तेमाल बिल्कुल भी न करें और न ही हाथ से पकड़कर खींचे। सब स्किन का वो हिस्सा काटेंगे तो उस जगह पर थोड़ा सा जैतून का तेल या नारियल तेल लगाकर हल्की मसाज कर लें ताकि आपकी स्किन जल्दी हील हो सके।
ग्लव्स
जब आप कपड़े या बर्तन साफ कर रहे हों तो हैंगनेल होने पर ग्लव्स जरूर पहनें। हार्ष डिटर्जेंट के संपर्क में आने पर ये परेशानी ज्यादा बढ़ सकती है, जिससे जलन का एहसास हो सकता है।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले डॉक्टर या एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें।
