मेनोपॉज एक ऐसी समस्या है जिससे हर महिला को गुजरना पड़ता है। कुछ महिलाओं को इसके बाद काफी ज्यादा ब्लीडिंग होती है जो एंड्रोमेट्रियल कैंसर का लक्षण हो सकता है हालांकि इसके कई दूसरे कारण भी हो सकते हैं। यदि आपको मेनोपॉज के बाद ब्लीडिंग हो तो जल्दी डॉक्टर को संपर्क करें। आपको बता दें कि योनि से असामान्य तौर पर ब्लीडिंग होना एंड्रोमेट्रियल कैंसर का आम लक्षण है। यह तब होता है जब यूट्रस की परत में कोशिकाएं अनियंत्रित तौर पर बढ़ने लगती हैं।

45 से कम उम्र की महिलाओं को ज्यादा खतरा

इस कैंसर की जांच के लिए डॉक्टर ट्रांसविजनल अल्ट्रासाउंड या फिर बायोप्सी कर सकते हैं। इसका शुरुआती इलाज जरुरी है खासतौर पर जो महिलाएं कैंसर से जूझ रही हैं। ऐसे कई इलाज उपलब्ध हैं जो मेनोपॉज के बाद ब्लीडिंग के कारणों को संबोधित करेंगे। इसके जोखिम कारकों की बात करें तो ज्यादा वजन और एस्ट्रोजन का ज्यादा स्तर होने के कारण यूट्रस कैंसर हो सकता है। 45 साल से कम उम्र की महिलाओं में एंडोमेट्रियल कैंसर असामान्य है लेकिन प्रीमेनोपॉजल महिलाओं में इसके मामले ज्यादा हो रहे हैं।

हड्डियां कमजोर होना

मेनोपॉज के बाद हड्डियां बहुत कमजोर पड़ जाती हैं इसके कारण ऑस्टियोपोरिसस का खतरा बढ़ेगा। इसके चलते आपकी हड्डियां भी जल्दी टूट सकती हैं।

दिल पर होगा असर

हार्मोन बदलने के कारण दिल की बीमारियों का खतरा काफी बढ़ जाता है। इससे आपका कोलेस्ट्रॉल बढ़ सकता है जिससे आपको हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा भी रहेगा।

हार्मोन्स की कमी

इस दौरान आपके शरीर में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन नाम के हार्मोन की कमी हो सकती है। इसके कारण आप मूड बदलना, नींद न आना और थकान जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं।

स्किन और बालों में बदलाव

मेनोपॉज के बाद स्किन ड्राई और पतली होने लगती है। इसके अलावा आपके बाल भी झड़ सकते हैं।

बढ़ेगा वजन

मेटाबॉल्जिम धीमा होने के कारण वजन भी बढ़ सकता है। इसके अलावा पेट और कमर के आस-पास फैट जमना शुरु हो सकता है।

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले डॉक्टर या एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें।

By tnm

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