सर्दियों में तापमान गिरने के साथ ही दिल को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है, क्योंकि ठंड में शरीर को गर्म रखने के लिए हृदय की कार्यप्रणाली बढ़ जाती है। इस मौसम में पहले से दिल की बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए खतरे और भी ज्यादा बढ़ सकते हैं। दरअसल, ठंड के मौसम में सिम्पेथेटिक नर्वस सिस्टम सक्रिय हो जाता है, जिससे रक्तचाप और हृदय गति बढ़ जाती है। इससे हार्ट फेलियर, स्ट्रोक और अचानक दिल का दौरा (सडेन हार्ट डेथ) जैसी गंभीर समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। इस प्रकार की स्थितियों से बचने के लिए यह जरूरी है कि हम कुछ चेतावनी संकेतों को समझें और समय रहते डॉक्टर से परामर्श लें।
सर्दियों में हार्ट डिजीज के लक्षण
सीने में दर्द और बेचैनी
सर्दी में नसें सिकुड़ सकती हैं, जिससे दिल पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। इसके कारण एनजाइना (सीने में दर्द और जकड़न) हो सकता है। यदि यह दर्द बाईं बांह, गर्दन, जबड़े, या पीठ तक फैल जाए तो यह हार्ट अटैक का संकेत हो सकता है।
लगातार खांसी या घरघराहट की आवाज
सर्दियों में ठंड के कारण फेफड़ों में तरल पदार्थ जमा हो सकता है, जिससे लगातार खांसी और घरघराहट की आवाज सुनाई देती है। यदि खांसी के साथ सफेद या गुलाबी रक्तयुक्त कफ आए, तो यह संकेत हो सकता है कि दिल ठीक से खून पंप नहीं कर पा रहा है। इस स्थिति को पल्मोनरी कंजेशन कहते हैं, जो दिल की कमजोरी का संकेत हो सकता है।
धड़कनों का बदलना
ठंड के मौसम में हार्ट रेट और पेरिफेरल रिजिस्टेंस बढ़ता है, जिसके कारण दिल की धड़कन तेज हो सकती है। स्टडी के अनुसार, 47.31% हार्ट रोगियों में धड़कन 81-100 बीट्स प्रति मिनट (bpm) थी, और 15.19% मामलों में टैचीकार्डिया (अत्यधिक तेज धड़कन) पाया गया।
पैरों में सूजन
सर्दी में अगर दिल ठीक से काम नहीं कर पा रहा है तो ब्लड सर्कुलेशन में रुकावट आ सकती है। इससे पैरों और टखनों में सूजन आ सकती है, जिसे एडिमा कहा जाता है। यह हार्ट फेलियर का संकेत हो सकता है।
बहुत ज्यादा पसीना आना
सर्दियों में बिना किसी मेहनत के अत्यधिक पसीना आना भी खतरनाक हो सकता है। जब आर्टरी में ब्लॉकेज हो जाता है तो दिल को खून पंप करने में ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है, जिससे शरीर का तापमान बढ़ता है और अधिक पसीना आता है। यह हार्ट डिजीज का एक प्रमुख संकेत हो सकता है।
सांस लेने में परेशानी
सीढ़ियां चढ़ते समय, तेज़ चलने या भारी सामान उठाने पर अगर आपको सांस लेने में कठिनाई हो रही है या सांस तेज़ चल रही है, तो इसे हल्के में न लें। यह दिल की कोई गहरी समस्या का संकेत हो सकता है, जो सर्दियों में और अधिक बढ़ सकता है।
चक्कर या बेहोशी आना
हार्ट की असामान्य कार्यप्रणाली से ब्लड प्रेशर हाई हो सकता है और दिमाग तक रक्त का प्रवाह कम हो सकता है। इससे चक्कर आना, सिर घूमना या बेहोशी का अनुभव हो सकता है। यह कार्डियक एरिदमिया (हार्ट रिदम की समस्या) का संकेत हो सकता है।
कैसे रखें अपने दिल का ख्याल?
सही आहार और व्यायाम
सर्दियों में हृदय की सेहत के लिए सही आहार और नियमित शारीरिक गतिविधि बेहद जरूरी है। ताजे फल, हरी सब्जियां और अच्छे वसा का सेवन करें।
स्मोकिंग और शराब से बचें
धूम्रपान और अत्यधिक शराब पीने से दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ता है। इस मौसम में इनसे दूर रहना और स्वच्छ जीवनशैली अपनाना जरूरी है।
ब्लड प्रेशर और शुगर की निगरानी
सर्दियों में रक्तचाप और शुगर के स्तर पर विशेष ध्यान दें और नियमित रूप से अपनी जांच कराएं।
ज्यादा कवर करें
शरीर को गर्म रखने के लिए सही कपड़े पहनें और ठंडी हवाओं से बचें। यह दिल के लिए भी फायदेमंद होता है।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले डॉक्टर या एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें।
