अच्छी नींद हमारी हेल्थ पर बहुत ज्यादा असर डालती है। इसके अलावा यह हमारे दिल के लिए भी बहुत जरुरी है। यदि आपको पहले हार्ट अटैक आया है तो दूसरी बार हार्ट अटैक का खतरा और भी ज्यादा बढ़ जाएगा। ऐसे में इससे बचने के लिए पूरी नींद लें। नींद के दौरान आपका शरीर रिपेयर होता है। यह हार्ट के कामकाज को बेहतर बनाए रखने में भी मदद करेगी। पूरी नींद लेने से तनाव कम होगा, बीपी कंट्रोल रहेगा, सूजन कम होगी इससे हार्ट संबंधी बीमारियों का खतरा कम होगा। नींद की कमी के कारण शरीर में ज्यादा स्ट्रेस हार्मोन प्रोड्यूस होगा जिससे हार्ट पर दबाव पड़ेगा। इसके अलावा नींद पूरी न होने के कारण बीपी और सूजन की समस्या भी बढ़ेगी जो कि हार्ट अटैक का कारण बनेगी। ऐसे में पूरी नींद लेकर सिर्फ आपका शारीरिक स्वास्थ्य ही बेहतर नहीं होगा बल्कि आपका दिल भी मजबूत होगा जिससे हार्ट अटैक का जोखिम कम होगा। आइए आज इस आर्टिकल के जरिए आपको बताते हैं कि अच्छी नींद आपके दिल को कैसे प्रभावित करेगी और दूसरे हार्ट अटैक का जोखिम कम करने में मदद मिलेगी।
नींद और हार्ट हेल्थ के बीच का कनेक्शन के बीच संबंध
एक स्टडी के अनुसार, अच्छी नींद से हार्ट की हेल्थ अच्छी रहेगी। नींद की क्वालिटी का हार्ट हेल्थ पर भी सीधा असर होगा। यदि कोई व्यक्ति पूरी नींद न ले तो इससे तनाव बढ़ेगा जो कि हार्ट अटैक और स्ट्रोक जैसी समस्याओं का जोखिम बढ़ाएगा। इसके अलावा, कम नींद के कारण ब्लड प्रेशर और सूजन भी बढ़ जाएगी जो हार्ट फेलियर का कारण बनेगी।

अच्छी नींद से कम होगा स्ट्रेस
जब आप पूरी नींद नहीं लेंगे तो शरीर में स्ट्रेस हार्मोन का स्तर बढ़ जाएगा। हाई कोर्टिसोल हार्ट पर एक्स्ट्रा दबाव डालेगा इससे ब्लड वैसल्स सिकुड़ जाएंगी और ब्लड फ्लो में रुकावट आएगी। इसी वजह से पूरी नींद लेने से हार्ट अटैक का जोखिम कम करने में मदद मिलेगी।
बीपी रहेगा कंट्रोल
अच्छी नींद से बीपी भी अच्छा होगा। एक अध्ययन की मानें तो नींद की कमी के कारण हाई ब्लड प्रेशर का खतरा बढ़ जाएगा जो हार्ट अटैक का कारण बनेगा। जब आप पूरी नींद लेंगे तो आपका बीपी स्थिर रहेगा जो हार्ट की हेल्थ स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है इसलिए अच्छी नींद लें बीपी को कंट्रोल करने में मदद मिलेगी और इससे दूसरे हार्ट अटैक का जोखिम भी कम होगा।

हार्ट पर दबाव होगा कम
नींद की कमी के कारण शरीर की क्षमता पर असर पड़ेगा जिससे हार्ट की कार्यप्रणाली में कमी आएगी। नींद के दौरान, शरीर अपनी कोशिकाओं को रिपेयर करेगा और उसे फिर से एनर्जी मिलेगी। यदि इस प्रक्रिया पर बुरा असर पड़ा तो हार्ट पर एक्स्ट्रा दबाव पड़ेगा जिससे हार्ट की बीमारियों का खतरा बढ़ता है।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले डॉक्टर या एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।
