कैंसर जिसका नाम सुनते ही सभी डर जाते हैं। आपको बता दें कि कैंसर सिर्फ एक ही नहीं बल्कि कई तरह का होता है। जिसमें से पैनक्रियाटक कैंसर भी एक बेहद खतरनाक है जो कि पैनक्रियाज में होता है। पैनक्रियाज शरीर में फैट्स, कार्बोहाइड्रेट और प्रोटीन को पचाने के लिए जरुरी एंजाइम का उत्पादन करके पाचन में खास भूमिका निभाता है। पैनक्रियाज दो हार्मोन्स बनाता है ग्लूकागन और इंसुलिन। ये हार्मोन ग्लूकोज को नियंत्रित करने के लिए जिम्मेदार माने जाते हैं। इंसुलिन कोशिकाओं को एनर्जी बनाने के लिए ग्लूकोज को मेटाबॉलिज करने में मदद करता है वहीं ग्लूकागन ग्लूकोज के स्तर को बढ़ाने में मदद करते हैं खासतौर पर जब ग्लूकोज बहुत कम हो जाता है। नवंबर महीने को पैनक्रियाटिक कैंसर यानी की अग्नाश्य के कैंसर के तौर पर मनाया जाता है। तो चलिए इस आर्टिकल के जरिए आपको बताते हैं कि पैनक्रियाटिक कैंसर क्या होता है, इसके लक्षण और कारण क्या है।
दो तरह का होता है पैनक्रियाटक कैंसर
पैनक्रियाटक यानी की अग्नाश्य का कैंसर दो तरह का होता है।
पैनक्रियाटिक एडेनोकार्सिनोमा
यह पैनक्रियाटक कैंसर का सबसे आम प्रकार है। यह एक्सोक्राइन कोशिकाओं में शुरु होता है जो पाचन में सहायता करने वाले एंजाइम का उत्पादन करते हैं।

पैनक्रियाटिक न्यूरोएंडोक्राइन ट्यूमर्स
यह कैंसर का सबसे दुर्लभ प्रकार होता है जो कि एंडोक्राइन सैल्स में शुरु होता है। एंडोक्राइन सेल्स हार्मोन्स को रिलीज करते हैं जो कि आपके मूड को अफेक्ट कर सकते हैं।
लक्षण
इसके लक्षण तब तक नहीं दिखते जब तक कैंसर बढ़ न जाए और आमतौर पर इसके शुरुआती लक्षण नहीं होते। जैसे जैसे यह कैंसर फैलता है इसके लक्षण दिखने लगते हैं जैसे कि
. भूख न लगना
. अचानक से वजन कम हो जाना
. पेट में दर्द
. पीठ के निचले हिस्से में दर्द
. रक्त के थक्के पैर में बनना इनमें लालिमा और सूजन पैदा होना
. पीलिया
. डिप्रेशन
. हल्के रंग या फिर चिकना मल
. डार्क या ब्राउन पेशाब
. त्वचा में खुजली

. मतली
. उल्टी
कारण
इसके कई कारण हो सकते हैं जैसे कि
तंबाकू का सेवन
20-35% तक पैनक्रियाटिक कैंसर का कारण स्मोकिंग या सिगरेट बन सकती है।
भारी मात्रा में शराब
तीन या इससे ज्यादा शराब के गिलास पीने से भी पैनक्रियाज कैंसर का खतरा रहता है।
वजन
ज्यादा वजन और मोटापा भी इस कैंसर का खतरा बढ़ाएगा।
डाइट
ज्यादा मात्रा में रैड और प्रोसेस्ड मीट, फ्राइड फूड्स, शुगर का खाने से कोलेस्ट्रॉल बढ़ जाएगा जिसके कारण पैनक्रियाज कैंसर का खतरा बढ़ेगा।

डायबिटीज
डायबिटीज जैसी खतरनाक बीमारी होने पर भी इस कैंसर का खतरा बढ़ जाता है।
बचाव
सही समय पर यदि इस कैंसर का पता चल जाए तो इलाज हो सकता है। अगर आपको ऊपर बताए गए कोई भी लक्षण दिखे तो नजरअंदाज न करें और तुरंत डॉक्टर को संपर्क करें।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले डॉक्टर या एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।
