बहुत सी महिलाएं किम कर्दाशियां जैसा फिगर पाने की चाहत रखती है। इसके लिए कुछ महिलाएं सर्जरी का सहारा भी लेती हैं। हाल ही में यूके की एक महिला ने किम की तरह बट पाने की चाहत में सर्जरी करवा ली लेकिन उसकी जान जाते-जाते बची।
दर्दनाक रहा सर्जरी का अनुभव
पिछले साल नवंबर में यूके की लुईस नाम की महिला ने बट लिफ्ट करवाने का फैसला लिया। लुईस को यह बताया भी गया कि सर्जरी की प्रक्रिया दर्दनाक नहीं होगी, लेकिन उनका अनुभव काफी दर्दनाक रहा। उसको कई इंजेक्शन लेने पड़े, उसे बुखार हो गया और उल्टियां होने लगी। बाद में जांच में सामने आया कि लुईस को इंजेक्शन के कारण इंफेक्शन हो गया था। लुईस अपने सर्जरी कराने के फैसले पर आज भी पछता रही हैं। इससे पहले यूके की एक महिला को तो इस सर्जरी के कारण अपनी जान गंवानी पड़ी थी।

क्या होती है बट लिफ्ट सर्जरी?
ब्राजीलियन बट लिफ्ट सर्जरी को बीबीएल सर्जरी भी कहते हैं इसमें डॉक्टर पेट, बट और पीठ के नीचे के हिस्सों या फिर जांघों से फैट को बट में ट्रांसफर करते हैं। दूसरे कॉस्मेटिक बट प्रोसीजर की तरह बट लिफ्ट सर्जरी में आपके बट के आकार को बड़ा नहीं किया जाता बल्कि उसे सुडौल बनाया जाता है। यदि आपकी बैली में या लोवर बैक में फैट है तो BBL सर्जरी से आप पतली कमर पा सकते हैं।
ऐसे की जाती है ये सर्जरी
यह दो चरणों वाली प्रक्रिया है। डॉक्टर लिपोसक्शन का इस्तेमाल करके फैट हटाते हैं। यह एक कॉस्मेटिक प्रोसीजर है जो एक छोटी प्लास्टिक ट्यूब से फैट को बाहर निकालता है फिर उसी फैट को आपके बट एरिया में इंजेक्ट किया जाता है। लिक्विड बीबीएल का असर हमेशा के लिए नहीं होता आमतौर पर यह एक से दो साल तक चलता है जबकि पारंपरिक बीबीएल ज्यादा लंबे समय तक रहता है लिक्विड बीबीएल को लोग अक्सर रिस्कलेस और सस्ता मानते हैं इसलिए यह महिलाओं में ज्यादा लोकप्रिय भी है। इस प्रक्रिया में लगभग 60 मिनट लगते हैं। अमेरिका में ये सर्जरी महंगी है इसलिए लोग इसे करवाने के लिए तुर्की जाते हैं।

सर्जरी के रिस्क
इस सर्जरी में सेप्सिस होने का खतरा बहुत ज्यादा होता है। इसके अलावा हेमेटोमा, क्रोनिक पेन, स्किन में सेरोमा का जमा होना, इंफेक्शन, स्कार, सुन्न पड़ जाना जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं। ब्राजीलियन बट लिफ्ट जोखिम भरा और कई बार जानलेवा भी हो सकता है, लेकिन आपके बट के लुक को बदलने के लिए दूसरी प्रक्रियाओं की तुलना में ये ज्यादा सुरक्षित माना जाता है। यह सर्जरी से रिकवरी में समय लगता है। आपको बैठते समय तकिए का इस्तेमाल करना होता है और अपने सोने के तरीके में बदलाव करना होता है। ये तकनीक इलाज में मदद करती है और चीरे के फटने के जोखिम को कम भी करती है।
