शुरू से बताया गया है कि वॉक करना सेहत के लिए बहुत फायदेमंद है। गर्मियों में तो आराम से सुबह उठकर वॉक हो जाती है, लेकिन सर्दियों में बहुत मुश्किल हो जाती है। सर्दियों में लोग आलसी हो जाते हैं और वॉक नहीं करते हैं। आपको बता दें कि सर्दियों में टहलने से रक्त संचार बेहतर होता है, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और मूड अच्छा रहता है।
भारत में भी ठंड का आगमन हो गया है तो अगर आप सुबह वॉक करने के शौकीन हैं तो यहां जानें कि किस समय वॉक करना चाहिए और किस कंडीशन में वॉक करने से बचना चाहिए।
कब करें सर्दियों में वॉक
सर्दियों में अगर आपको टहलना है तो एक्सपर्ट्स का मानना है कि सबसे अच्छा समय आमतौर पर सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे के बीच होता है। इस समय तापमान गर्म होता है और दिन में पर्याप्त रोशनी होती है। यदि आप दिन के उजाले में टहलेंगे तो विटामिन डी मिलता है, जो सर्दियों में लेना बहुत जरूरी है।
इन बातों का रखें खास ध्यान
जब भी आप सर्दियों में वॉक करने जाएं तो याद रखें कि कई लेयर कपड़े और हाथों में दस्ताने और टोपी जरूर पहनें। अपने आप को समय समय पर हाइड्रेटेड जरूर करें। क्योंकि क्योंकि ठंड कभी-कभी हमारी प्यास को कम कर सकती है।
कब न टहलें
अगर सुबह आपको महसूस हो कि गंभीर शीत लहरें, कोहरा या बर्फीली परिस्थितियां हैं तो ऐसे में टहलने या वॉक करने से बचें। ऐसी परिस्थितियों में फिसलने, गिरने और सांस संबंधी समस्याओं का जोखिम बढ़ जाता है। जिन लोगों को अस्थमा या सांस संबंधी दिक्कत है तो उन्हें अपना खास ध्यान रखना चाहिए। ठंडी हवा से सांस लेने में कठिनाई आती है।
जब तापमान ज़ीरो से नीचे चला जाए तो घर में ही व्यायाम करना सबसे बढ़िया रहेगा। गर्म कपड़े पहनकर और सही समय चुनेंगे तो आप सर्दियों में सुरक्षित रूप से टहल पाएंगे और आपको बहुत से लाभ मिलेंगे। सर्दियां हो तो उसके चक्कर में सैर न छोड़ें, परिस्थिती को देखकर ही करें।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले डॉक्टर या एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।
