बिजी लाइफस्टाइल और आगे बढ़ने की भागदौड़ में हम अक्सर अपनी सेहत से समझौता कर देते हैं। ऐसे में न ही हमारे मील का टाइम फिक्स होता और न ही सोने का। कुछ लोग ऑफिस से लेट आते हैं इसलिए लेट खाना खाते हैं और लेट नाइट तक जागते रहते हैं। लंबे समय में यह आदत हमारे शरीर को नुकसान भी करती है। खाने का समय फिक्स न होने के कारण हमें पाचन संबंधित समस्याएं भी होने लगती हैं। वहीं सोने का समय अलग होने के कारण स्लीप साइकिल पर बुरा असर होता है। अगर काफी समय तक यह आदत बनी रहती है, तो आपको गंभीर बीमारियों का खतरा भी हो सकता है।आइए जानते हैं कौन-कौन सी बीमारियां आपको घेर सकती हैं।
वीडियो देखने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें
https://www.instagram.com/reel/DBy3Sfvobm0/?utm_source=ig_web_copy_link
खाने और सोने का टाइम फिक्स न होना नुकसानदायक
अगर आप इर्रेगुलर ईटिंग और स्लीपिंग पैटर्न फॉलो करते हैं, तो इससे आपको ऑटोइम्यून डिजीज का खतरा रहेगा। वहीं, इसके कारण आपको प्रीकैंसरस कंडीशन भी हो सकती हैं दरअसल इर्रेगुलर ईटिंग और स्लीपिंग हैब्बिट ग्रोथ हार्मोन के प्रोडक्शन को बनने से रोकती हैं जिनसे ये समस्याएं शुरू होती हैं।
ग्रोथ हार्मोन हमारी बॉडी के लिए जरूरी
हम दिनभर जितने भी काम करते हैं, उनमें हमारी बॉडी के कई सेल्स खराब हो जाते हैं। दिनभर में कई बॉडी सेल्स हमें एनर्जी देने में इस्तेमाल होते हैं। ऐसे में हमारी बॉडी को हील होने और सेल्स रिपेयर करने का समय चाहिए होता है जो हमारी बॉडी सोने के दौरान करती है इसलिए जब हम सोकर उठते हैं, तो रिलैक्स और फ्रेश महसूस करते हैं।

इर्रेगुलर ईटिंग और स्लीपिंग पैटर्न ग्रोथ हार्मोन को करते हैं नुकसान
हमारी बॉडी को हील होने और ग्रोथ हार्मोन बनाने के लिए 10-12 घंटे चाहिए होते हैं। यह समय रात के 2 बजे सबसे ज्यादा हाई होता है। यदि हम देरी से सोते हैं और नींद पूरी नहीं करते, तो इसके कारण ग्रोथ हार्मोन डिस्टर्ब होता है इसके अलावा, देरी से खाना-खाने के कारण बॉडी में डाइजेशन प्रोसेस चलता रहता है इसके कारण भी ग्रोथ हार्मोन डिस्टर्ब होता है और बॉडी हील नहीं हो पाती। ऐसे में बॉडी में डैमेज सेल्स इकट्ठा होने लगते हैं और हील नहीं हो पाते। धीरे-धीरे ये इम्यूनिटी वीक करने लगते हैं जिससे बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। लंबे समय तक इन आदतों के कारण ऑटोइम्यून डिजीज और प्रीकैंसरस कंडीशन का खतरा बढ़ता है।
ऐसे करें ग्रोथ हार्मोन को बैलेंस
. सोने से करीब 3-4 घंटे पहले अपना आखिरी मील खत्म कर लें। इससे खाना ठीक से पच जाएगा और बॉडी को हील होने का समय मिलेगा।
. बॉडी को कम से कम 7 से 8 घंटे की नींद जरूर दें पूरा आराम करें जिससे बॉडी एक्टिव रहे।

. अपनी डाइट में ज्यादा से ज्यादा फल और सब्जियां शामिल करें। इससे बॉडी को जरूरी मिनरल्स मिल पाएंगे और बीमारियों का खतरा दूर होगा।
इस तरह से इर्रेगुलर ईटिंग और स्लीपिंग पैटर्न गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ाएगी।
