आजकल के लाइफस्टाइल में स्ट्रेस लोगों के जीवन का अहम हिस्सा बन गया है। तनाव के कारण लोगों को सिर्फ मानसिक ही नहीं बल्कि कई प्रकार की शारीरिक परेशानियां भी होती हैं। तनाव के कारण हाई ब्लड प्रेशर, हार्ट प्रॉब्लम, डायबिटीज, स्ट्रोक, मोटापा, डिप्रेशन, स्किन प्रॉब्लम और बालों से जुड़ी समस्याएं होती हैं लेकिन क्या आपने सोचा है कि तनाव के कारण ब्रेस्ट कैंसर भी हो सकता है? दरअसल, अक्टूबर का महीना ब्रेस्ट कैंसर अवेयरनेस मंथ के तौर पर मनाया जाता है। एक आंकड़े के अनुसार, भारत में महिलाओं में होने वाले कैंसर में स्तन कैंसर का योगदान 14% है। भारत में हर चार मिनट में एक महिला को स्तन कैंसर का पता चलता है, जिस तरह से भारत में ब्रेस्ट कैंसर के मामले बढ़ रहे हैं, उससे कहीं ज्यादा मामले तनाव और उससे जुड़ी परेशानियों के भी देखे जाते हैं इसलिए ब्रेस्ट कैंसर और तनाव के बीच के कनेक्शन का पता लगाना जरूरी है। आइए आज इस आर्टिकल के जरिए जानते हैं कि क्या तनाव के कारण भी ब्रेस्ट कैंसर होने का खतरा रहता है या नहीं।
क्या तनाव के कारण होता है ब्रेस्ट कैंसर?
एक्सपर्ट्स के अनुसार, ब्रेस्ट कैंसर और तनाव के बीच अब तक दुनियाभर में कई शोध हुए हैं, लेकिन इसके बीच किसी प्रकार को कोई कनेक्शन नहीं देखा गया है लेकिन तनाव और कैंसर के बीच कुछ संबंध जरूर देखे गए हैं। हेल्थ एक्सपर्ट का कहना है कि जो लोग मानसिक तौर पर ज्यादा परेशान रहते हैं, छोटी-छोटी बातों पर तनाव ले लेते हैं, उन्हें आम लोगों के मुकाबले कैंसर का खतरा ज्यादा रहता है।

तनाव और ब्रेस्ट कैंसर के बीच का संबंध
अब तक जो रिसर्च और मामले सामने आए हैं, उसमें तनाव और ब्रेस्ट कैंसर का कोई सीधा कनेक्शन नहीं देखा गया हालांकि ब्रेस्ट कैंसर और तनाव के बीच इंटरलिंक कनेक्शन हो सकते हैं।
लाइफस्टाइल में बदलाव
तनाव में रहने वाले लोग अक्सर अपने लाइफस्टाइल पर ध्यान नहीं देते। ऐसा देखा जाता है कि ज्यादा तनाव में रहने वाले लोगों में धूम्रपान, शराब सेवन, खराब खान-पान और शारीरिक गतिविधि की कमी देखी जाती है इसके कारण भी उन्हें ब्रेस्ट कैंसर का खतरा होता है।
कमजोर इम्यूनिटी
जब व्यक्ति लंबे समय तक तनाव में रहता है, तो उसकी इम्यूनिटी कमजोर हो जाती है। यह शरीर की कैंसर कोशिकाओं से लड़ने की क्षमता को प्रभावित करती है। यदि शरीर की इम्यूनिटी ठीक से काम नहीं करती तो कैंसर कोशिकाओं का विकास बढ़ सकता है। इसके कारण ब्रेस्ट कैंसर समेत कई अन्य प्रकार के कैंसर का खतरा भी रहता है।

हार्मोनल असंतुलन
ज्यादा तनाव के कारण शरीर में हार्मोनल असंतुलन हो सकता है। हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो तनाव के कारण शरीर में एस्ट्रोजन और कोर्टिसोल जैसे हार्मोन का स्तर बढ़ सकता है। एस्ट्रोजन का उच्च स्तर ब्रेस्ट कैंसर के विकास का खतरा बढ़ाता है। ब्रेस्ट कैंसर, कैंसर, डायबिटीज और अन्य तरह की बीमारियों से बचने के लिए तनाव को कम करें। इसे कम करने के लिए आप योग और मेडिटेशन जैसी चीजों को अपना सकते हैं।
