आजकल के इस खराब लाइफस्टाइल के चलते लोग कई तरह की बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। वर्किंग लोग जो सारा दिन लैपटॉप के सामने बैठते हैं तो वहीं आज की युवा पीढ़ी सारा दिन फोन पर समय बिताती है। इन सबके चलते उन्हें रात में अच्छे से नींद नहीं आती और अगले दिन शरीर भी थका हुआ महसूस होता है। ऐसे में यदि आपके साथ भी ऐसा होता है कि आपको रात में नींद अच्छी नहीं आती तो आपका दिमाग जल्दी बूढ़ा होगा जी, हां यह हम नहीं कह रहे यह बात स्टडी में सामने आई है। एक नए अध्ययन के अनुसार, मध्यम आयु में नींद की खराब गुणवत्ता के बाद के जीवन में मस्तिष्क की तेजी से उम्र बढ़ने के संकेतों से जुड़ी हो सकती है। अमेरिकन एकेडमी ऑफ न्यूरोलॉजी के मेडिकल जर्नल न्यूरोलॉजी में प्रकाशित इस शोध में बताया गया है कि 40 की उम्र में नींद की समस्या वाले लोगों में नींद आने या सोते रहने में परेशानी जैसी समस्याएं होती हैं जिनमें 50 की उम्र के अंत तक मस्तिष्क की उम्र बढ़ने के लक्षण ज्यादा होते हैं।
अध्ययन में सामने आए नतीजे
अध्ययन के मुख्य लेखक, यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया सैन फ्रांसिस्को के डॉ. क्लेमैंस कैवेल्स का कहना है कि – ‘पिछले शोधों ने नींद की समस्याओं को बाद के जीवन में खराब याददाश्त और सोचने की क्षमता के साथ जोड़ा है इससे डिमेंशिया का जोखिम बढ़ जाता है। हमारे निष्कर्ष यह बताते हैं कि मध्यम आयु में खराब नींद मस्तिष्क की उम्र बढ़ने के लगभग तीन से ज्यादा सालों से जुड़ी है। इस अध्ययन में 589 लोगों को शामिल किया गया था जिनकी औसत आयु शुरुआत में 40 साल की थी। प्रतिभागियों ने दो बार नींद संबंधी प्रश्न उत्तर पूरे किए एक बार शुरुआत में और फिर पांच साल के बाद और अध्ययन शुरु होने के 15 साल बाद दिमाग का स्कैन करवाया। स्कैन ने शोधकर्ताओं को दिमाग की सिकुड़न के संकेतों के आधार पर प्रत्येक प्रतिभागी के मस्तिष्क की आयु का अनुमान लगाने में भी मदद की जो उम्र बढ़ने का एक खास संकेत है’।

ऐसे किया गया विश्लेषण
प्रतिभागियों को उनकी नींद की आदतों के आधार पर समूहीकृति किया गया था। कम जोखिम वाले समूह में एक या कोई नींद की समस्या नहीं थी, मध्यम समूह में दो या तीन और उच्च जोखिम वाले समूह में तीन से ज्यादा समस्याएं थी। शुरुआत में 70% प्रतिभागी कम जोखिम वाले समूह में थे। 22% मध्यम और 8% उच्च जोखिम वाले समूह में थे। परिणामों से यह पता चला कि मध्यम समूह के लोगों की औसत दिमाग आयु निम्न समूह के लोगों की तुलना में 1.6 साल थी जबकि उच्च समूह के लोगों के दिमाग की उम्र 2.6 साल थी।
नींद की खराब क्वालिटी बनाएगी दिमाग को बूढ़ा
नींद की खराब क्वालिटी, सोने में कठिनाई और बहुत जल्दी जागना जैसे फैक्टर्स खासतौर पर समय के साथ लगातार अनुभव किए जाने पर तेजी से दिमाग की उम्र बढ़ने से जुड़ी हुई थी। अध्ययन की सह लेखिका डॉ. क्रिस्टीन याफे ने कहा कि – ‘नींद की समस्याओं को शुरु में ही संबोधित करने से दिमाग के स्वास्थ्य की रक्षा करने में मदद मिलेगी। नियमित नींद का शैड्यूल बना कर रखना, व्यायाम करना और विश्राम तकनीकों का प्रयोग करना नींद को बेहतर बनाने के तरीकों में मदद करेगा’।

