हर साल मानसून के सीजन में परेशान करने वाला डेंगू बुखार इस वक्त बांग्लादेश में कहर बरपा रहा है। कहा जा रहा है कि बांग्लादेश में डेंगू के मामलों में एकदम से तेजी आई है और एक दिन में 1200 से ज्यादा मामले दर्ज किए गए हैं। ऐसे में जब डेंगू दक्षिण एशियाई देशों में तेजी से फैल रहा है, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय भी इसकी रोकथाम के लिए पर्याप्त अभियान चला रहा है। हेल्थ एक्सपर्ट कहते हैं कि डेंगू से बचाव और इसके इलाज के लिए जरूरी है कि इसके लक्षणों को समय रहते पहचाना जाए। तो चलिए जानते हैं कि डेंगू के लक्षण क्या हैं और इससे बचाव कैसे किया जा सकता है।
डेंगू
डेंगू दरअसल वायरल इंफेक्शन है जो संक्रमित मच्छर के काटने से फैलता है। इसके लक्षणों की बात करें तो संक्रमित मच्छर के काटने के चार से पांच दिन के अंदर मरीज के शरीर पर इसके लक्षण दिखने लगते हैं। पहले मरीज को बुखार होता है। इसके बाद सिर में दर्द, शरीर में दर्द, उल्टी, मतली और मसल्स पेन होने लगता है। मरीज के शरीर पर चकत्ते दिखने लगते हैं। तेज बुखार के बीच किसी भी तरह की चोट या खरोंच लगने पर खून जल्दी बहने लगता है। डेंगू की खतरनाक स्थिति में शरीर में प्लेटलेट्स की कमी हो जाती है जिससे स्थिति जानलेवा साबित हो सकती है।

डेंगू से ऐसे करें बचाव
डेंगू के बचाव के लिए अपने घर के आस पास पानी नहीं जमा होने देना चाहिए। मानसून के मौसम में मच्छरों को पनपने से रोकने के लिए घर में किसी भी जगह पानी को ठहरने से रोकना चाहिए। कूलर, गमले, टायर और अन्य जगहें जहां पानी जमा है, वहां पानी हटा देना चाहिए। यदि पानी रखना है तो उसे हर रोज बदलना चाहिए। घर की बालकनी, आंगन, और गार्डन के साथ साथ आस पास की नालियों में कीटनाशक डालना चाहिए।

घर से बाहर निकलते वक्त समय आस्तीन के कपड़े और फुल पैंट आदि पहनें। खिड़कियों और दरवाजों पर जालियां लगाने से मच्छर घर के अंदर नहीं आ पाएंगे। रात को सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें और अगर जरूरी है तो मॉस्किटो रेपेलेंट यूज करें। बच्चों को बाहर खेलने भेजने से पहले उन्हें शरीर ढकने वाले कपड़े पहनाएं और मच्छर से दूर रखने वाली क्रीम लगाएं।
