किसी भी महिला के प्रेग्नेंट होने के लिए फर्टिलिटी बहुत महत्व रखती है। ऐसे में महिलाओं में अंडे की गुणवत्ता उनके प्रजनन क्षमता तो निर्धारित करने वाला एक अहम कारक मानी जाती है। हर महीने अंडाशय एक या दो फर्टिलाइज अंडे जारी करता है जो महिलाओं को कंसीव करने में मदद करता है। अगर महिलाओं में अंडे की गुणवत्ता अच्छी है तो प्रेग्नेंसी संभव हो सकती है लेकिन अगर अंडे की गुणवत्ता खराब हो तो यह महिलाओं की प्रेग्नेंसी में बाधा डाल सकता है। इसलिए जरूरी है कि महिलाएं अपने शरीर में अंडे की सही गुणवत्ता की जांच करती रहे और हेल्दी प्रेग्नेंसी के लिए अंडों को स्वस्थ रखने की कोशिश करें। ऐसे में आइए जानते हैं कि महिलाओं में अंडे की क्वालिटी किस वजह से खराब होती है।
कम ओवेरियन रिजर्व
यह महिलाओं में खराब अंडों की गुणवत्ता का संकेत माना जाता है क्योंकि यह शरीर में मौजूद अंडों की कम मात्रा को दिखाता है। दरअसल, ओवेरियन रिजर्व के कम होने पर शरीर अच्छे क्वालिटी के अंडों का पहले उपयोग कर लेता है, जिस कारण सिर्फ खराब अंडे बचते हैं।

उम्र
महिलाओं में अंडे की गुणवत्ता आमतौर पर महिलाओं की उम्र पर निर्भर करती है। 35 साल से ज्यादा उम्र की महिलाओं में अंडे की क्वालिटी में गिरावट आने लगती है जिसके कारण क्रोमोसोमल असामान्यताएं हो सकती हैं।
बार-बार गर्भपात होना
बार-बार गर्भपात होना, खासकर प्रेग्नेंसी के शुरुआती चरणों में अक्सर महिलाओं में अंडे की खराब गुणवत्ता का संकेत माना जाता है क्योंकि खराब गुणवत्ता वाले अंडे क्रोमोसोमल असामान्यताओं को बढ़ावा दे सकते हैं जो प्रेग्नेंसी में गर्भपात के जोखिम को बढ़ाते हैं।

खराब लाइफस्टाइल
स्मोकिंग, ज्यादा शराब का सेवन और खराब डाइट जैसी लाइफस्टाइल महिलाओं के अंडे की गुणवत्ता को नेगेटिव रूप से प्रभावित कर सकते हैं। इस तरह की लाइफस्टाइल कम उम्र में ही महिलाओं की एग क्वालिटी को खराब कर सकती है, जिससे कंसीव करना मुश्किल हो जाता है।
अनियमित पीरियड्स
अनियमित पीरियड्स महिलाओं में हार्मोनल असंतुलन का संकेत हो सकता है जो अंडे की गुणवत्ता को प्रभावित करता है। इसलिए बार-बार पीरियड मिस होना और समय पर न होना खराब अंडे की क्वालिटी का लक्षण हो सकता है।
कंसीव करने में देरी
लंबे समय तक कंसीव करने का ट्राई करने के बाद भी गर्भधारण करने में मुश्किल आना महिलाओं में खराब अंडे की गुणवत्ता का संकेत हो सकता है।

अंडे की खराब गुणवत्ता आमतौर पर उम्र, हार्मोन्स और लाइफस्टाइल से जुड़ी होती हैं। ऐसे में आसानी से कंसीव करने और हेल्दी फर्टिलिटी के लिए जरूरी है कि आप स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं और अपने हार्मोन्स को संतुलित रखने की कोशिश करें। साथ ही सही उम्र में माता-पिता बनने का फैसला लें। इसके अलावा अगर आप हेल्दी लाइफस्टाइल और सही उम्र के बाद भी कंसीव करने में परेशानी का सामना कर रही हैं तो डॉक्टर से कंसल्ट जरूर करें।
