फ्लू श्वसन तंत्र को प्रभावित करने वाला वायरल इंफेक्शन है, जो नाक, गले, और फेफड़ों में इंफेक्शन पैदा करता है। यह वायरस हर साल बदलता है, इसलिए फ्लू वैक्सीन भी हर साल अपडेट की जाती है ताकि यह नए स्ट्रेन्स से लड़ सके। फ्लू वैक्सीन आपको फ्लू से संक्रमित होने के जोखिम को कम करती है और यदि आप फ्लू से संक्रमित होते हैं तो लक्षणों की गंभीरता को भी कम करती है। इसे आमतौर पर हर साल सर्दियों के मौसम की शुरुआत से पहले लिया जाता है। फ्लू वैक्सीन खासकर बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और उन लोगों के लिए जरूरी होती है जिनका इम्यून सिस्टम कमजोर होता है या जिन्हें जल्दी इंफेक्शन होता है। कई लोगों के मन में अक्सर यह सवाल रहता है कि क्या फ्लू वैक्सीन हर तरह की इंफेक्शन से बचाव करती है। तो आइए जानते हैं इस बारे में पूरी जानकारी
इम्यून सिस्टम पर निर्भर करता है वैक्सीन का असर
फ्लू वैक्सीन का काम है आपके शरीर को उन फ्लू वायरस के खिलाफ सुरक्षा देना जो हर साल फैलते हैं। हालांकि, यह सभी तरह के फ्लू से बचाव नहीं करती। फ्लू वैक्सीन मुख्य तौर पर उन तीन से चार स्ट्रेन्स के खिलाफ प्रभावी होती है जो सीजनल फ्लू के सबसे सामान्य कारण होते हैं जैसे निमोनिया, ब्रोंकाइटिस आदि। फ्लू वायरस बहुत तेजी से म्यूटेट होता है, जिसके कारण नए स्ट्रेन्स हर साल सामने आते हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन हर साल फ्लू के सबसे सामान्य और खतरनाक स्ट्रेन्स की पहचान करते हैं और उन्हीं के आधार पर फ्लू वैक्सीन को डिजाइन किया जाता है। यह वैक्सीन उन स्ट्रेन्स के खिलाफ तो प्रभावी होती है, लेकिन यदि वायरस के नए स्ट्रेन्स उभरते हैं जो वैक्सीन के कवर में नहीं आते तो वे व्यक्ति को संक्रमित कर सकते हैं। इसके अलावा, फ्लू वैक्सीन कितनी असरदार होगी यह व्यक्ति की उम्र, स्वास्थ्य स्थिति और इम्यून सिस्टम पर निर्भर करता है। उदाहरण के लिए बुजुर्ग और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों में फ्लू वैक्सीन का असर कम हो सकता है लेकिन फिर भी यह गंभीर लक्षणों से बचाने में मदद करती है।

शरीर में गंभीर समस्याएं पैदा करती है फ्लू वैक्सीन
फ्लू वैक्सीन का मुख्य काम है इंफ्लुएंजा वायरस के इंफेक्शन से बचाव करना। लेकिन यह सीधे तौर पर अन्य बीमारियों के खिलाफ भी सुरक्षा दे सकती है जो फ्लू के कारण उत्पन्न होती हैं। फ्लू एक श्वसन तंत्र का इंफेक्शन है जो नाक, गले और फेफड़ों को प्रभावित करता है। हालांकि, इसका असर पूरे शरीर पर पड़ सकता है और गंभीर समस्याएं पैदा कर सकता है। फ्लू वैक्सीन इन बीमारियों से बचाव में मदद करती है।
ब्रोंकाइटिस
फ्लू वैक्सीन से ब्रोंकाइटिस के खिलाफ भी सुरक्षा मिलती है। फ्लू के कारण ब्रोंकाइटिस हो सकता है, जिसमें ब्रोंकियल ट्यूब्स में सूजन आ जाती है। यह बीमारी खासकर बच्चों, बुजुर्गों, और धूम्रपान करने वालों में ज्यादा हो सकती है।
गंभीर फ्लू के लक्षण
फ्लू वैक्सीन लेकर आप पूरी तरह से फ्लू से नहीं बच सकते, लेकिन यह गंभीर लक्षणों को कम जरुर करती है। यह खासकर गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और क्रॉनिक बीमारियों से पीड़ित लोगों के लिए जरूरी मानी जाती है।
दिल और दिमाग से जुड़ी समस्याएं
फ्लू से दिल का दौरा, स्ट्रोक और मस्तिष्क की सूजन (इंसेफेलाइटिस) जैसी गंभीर बीमारियां भी हो सकती हैं। फ्लू वैक्सीन इन समस्याओं को कम करती है खासकर उन लोगों में जिन्हें पहले से ही दिल की बीमारी है।

निमोनिया
फ्लू वैक्सीन निमोनिया से बचाव करती है। फ्लू वायरस फेफड़ों में इंफेक्शन पैदा करता है जिससे बैक्टीरियल या वायरल निमोनिया हो सकता है।
साइनोसाइटिस
फ्लू के बाद साइनस और कान के संक्रमण भी सामान्य होते हैं। फ्लू वैक्सीन इनसे बचाव में मदद कर सकती है। इस प्रकार, फ्लू वैक्सीन न सिर्फ फ्लू के संक्रमण से बचाती है, बल्कि उन गंभीर समस्याओं से भी रक्षा करती है जो फ्लू के कारण हो सकती हैं।

