आलिया भट्ट जो इस साल की दुनिया के 100 सबसे ज्यादा प्रभावशाली लोगों की सूची में शामिल हुईं, ने हाल ही में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। अंतर्राष्ट्रीय सौंदर्य ब्रांड लॉरियल ने उन्हें अपना ग्लोबल ब्रांड अंबेसडर बनाया है। इसके अलावा उनकी नई फिल्म ‘जिगरा’ भी अगले महीने रिलीज हो रही है, जो भाई-बहन के रिश्तों पर आधारित एक एक्शन फिल्म है। आलिया भट्ट न सिर्फ एक सफल अभिनेत्री हैं, बल्कि वह एक समर्पित मां भी हैं और अपने बच्चों की परवरिश को लेकर कुछ खास विचार रखती हैं। इस लेख में आलिया भट्ट की चार खास बातें जानिए, जो हर माता-पिता के लिए प्रेरणादायक हो सकती हैं।
बच्चों का प्रकृति प्रेम
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आलिया भट्ट की बेटी राहा जो नवंबर में दो साल की हो जाएंगी, के बारे में बात करते हुए आलिया कहती हैं कि बच्चों का प्रकृति से संबंध बेहद अद्भुत होता है। वह कहती हैं कि राहा की उम्र के बच्चों में प्रकृति के प्रति जो आकर्षण होता है, वह हमें सामान्य लगता है, लेकिन यह उनकी गहरी समझ का प्रतीक हो सकता है। हमें लगता है कि ये बचपना है, लेकिन शायद बच्चों की संवेदनशीलता हमें सिखाती है कि हम भी कभी पेड़-पौधों और पशु-पक्षियों से बातें करते होंगे। मैं अपने बच्चे में इसी प्रकृति प्रेम को बढ़ावा देने की कोशिश कर रही हूं। आलिया का मानना है कि बच्चों के भीतर बचपन से ही प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता और प्यार को बढ़ाना बहुत जरूरी है, ताकि वे बड़े होकर भी इसका सम्मान करें और इसे संजो कर रखें।
लोरियों से ज्यादा कहानियों की दीवानी

आलिया भट्ट ने हाल ही में बच्चों के लिए एक कॉमिक्स बुक्स सीरीज लॉन्च की है, जिसका उद्देश्य बच्चों में प्रकृति के प्रति प्रेम को बढ़ावा देना है। वह कहती हैं कि मैंने जो बच्चों की पुस्तकों की सीरीज शुरू की है, उसे लेकर राहा भी बहुत उत्साहित रहती है। सोते समय उसे कहानियां सुनाना मेरा पसंदीदा शौक बन गया है। राहा तीन कहानियां सुनकर ही सोती है। आलिया को यह कहानी सुनाने की आदत उनकी मां और नानी से मिली है, और अब वह इसे अगली पीढ़ी तक पहुंचा रही हैं। उनका मानना है कि बच्चों में पढ़ने की आदत को बढ़ावा देने के लिए उन्हें किताबों की ओर आकर्षित करना बहुत जरूरी है, ताकि उनकी कल्पनाशक्ति और सोचने की क्षमता का विकास हो सके।
बच्चों की आदतें हम बनाते हैं

आलिया भट्ट का मानना है कि बच्चों की आदतें उनके आसपास के वातावरण से बनती हैं। वह बताती हैं कि अगर हम अपने बच्चों के सामने हमेशा मोबाइल, लैपटॉप या टीवी में व्यस्त रहेंगे, तो वह भी वैसा ही करेंगे। लेकिन अगर हम उनके सामने किताबें पढ़ेंगे, अखबार पढ़ेंगे या बातचीत करेंगे, तो वह भी ऐसी आदतें अपनाएंगे। आलिया का यह दृष्टिकोण बताता है कि बच्चों की शिक्षा और विकास में घर का माहौल कितना महत्वपूर्ण होता है। उनकी बेटी राहा में भी यह बदलाव देखने को मिल रहा है, जहां वह किताबों के प्रति आकर्षित हो रही है और कहानियों को सुनने में दिलचस्पी दिखा रही है।
बच्चों का सिनेमा फले-फूले

आलिया भट्ट न केवल फिल्मों में सक्रिय हैं, बल्कि बच्चों के लिए भी कुछ नया करने की योजना बना रही हैं। वह बताती हैं कि उनकी अगली फिल्म ‘जिगरा’ भाई-बहन के रिश्तों पर आधारित है और इसे वासन बाला ने निर्देशित किया है। आलिया कहती हैं कि वासन बाला अतीत की चीजों को नए रूप में पेश करने में माहिर हैं, और मैं उनके साथ काम करके बेहद खुश हूं। इसके अलावा मैंने जो चित्रकथाओं की सीरीज शुरू की है, उसे लेकर मेरा इरादा है कि मैं उन किरदारों को एनीमेशन के रूप में भी पेश करूं। मैं चाहती हूं कि देश में बच्चों का सिनेमा खूब फले-फूले और उन्हें गुणवत्तापूर्ण कंटेंट मिले।
आलिया भट्ट की यह सोच और उनके प्रयास न केवल उनके बच्चों के लिए बल्कि समाज के सभी बच्चों के लिए प्रेरणादायक हैं। बच्चों की शिक्षा, आदतें, और उनके जीवन में सिनेमा की भूमिका पर आलिया का दृष्टिकोण उनके सकारात्मक माता-पिता के रूप में एक मिसाल पेश करता है।
