अमेरिकी रिसर्च की मानें तो जीका वायरस शरीर के कुछ हिस्सों को बहुत ही प्रभावित करता है। सबसे पहले तो यह व्यक्ति की इम्यूनिटी पर असर डालता है जिसके कारण इस बीमारी से लड़ना मुश्किल हो जाता है ऐसे में इसके चलते यह शरीर में तेजी से फैलने लगता है। जीका वायरस होने के 62 दिनों के अंदर ही व्यक्ति के सीमन में जीका का वायरस बढ़ता है। सिर्फ यही नहीं जीका वायरस के दिमाग के सेल्स, प्लासेंटा और एमनियोटिक लिक्विड वायरस के सबूत भी मिले हैं। जीका का प्रकोप विश्व स्तर पर बढ़ता ही जा रहा है। यह तेजी से फैलने वाला वायरस है। ब्राजील में इस वायरस से हजारों लोग पीड़ित हैं। वहीं जीका वायरस पूरी दुनिया में भी तेजी से फैल रहा है। अभी हम जानते हैं कि यह ब्लड में बहुत ही सीमित के लिए होता है जिसे एक हफ्ते से लेकर ज्यादा से ज्यादा 10 दिनों तक ही मापा जा सकता है।

वायरस के लक्षण

. जीका वायरस के लक्षण वैसे तो बहुत आम हैं जैसे शरीर पर लाल चकत्ते पड़ना, बुखार आना, मांसपेशियों, जोड़ों में दर्द और सिर में दर्द जैसी समस्याएं शामिल हैं। इस वायरस से ज्यादातर संक्रमित व्यक्ति में लक्षण नजर नहीं आते हैं।

. इस वायरस के लक्षण 2-7 दिनों में दिखते हैं। इसके शुरुआती लक्षणों के तौर पर आंखों में इंफेक्शन भी दिखाई देती है। जीका वायरस के कारण आंखों में इंफेक्शन होने लगती है जिसमें आंखों में सूजन, खुजली होना जैसी समस्याएं हो सकते हैं।

. जीका वायरस इंफेक्श के बाद मस्तिष्क में फैल जाता है और माइक्रोसेफली नाम की गंभीर समस्या का कारण बनता है। ये वायरस ज्यादातर बच्चों में ही फैलता है। ऐसे बच्चे जिनका दिमाग कमजोर होगा वो वैसे ही ऑटिज्म रोग से पीड़ित होने की आशंका रहेगी। गौरतलब है कि जीका वायरस से संक्रमित लोगों को कोई खास उपचार या फिर टीके नहीं दिए जाते। मच्छरों से खुद को बचाकर जीका वायरस से हम अपना बचाव कर सकते हैं।

. इस वायरस के कारण मांसपेशियों में बहुत ही तेजी से दर्द होता है। इसके कारण असहनीय दर्द भी हो सकता है। इसके अलावा पीठ, पैरों और हाथों में गंभीर दर्द होने लगता है। डेंगू बुखार के कारण पीठ, पैरों और हाथ में भी दर्द होने लगता है।

By tnm

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