आज कल बहुत से लोग योग, एक्सरसाइज और मैडिटेशन की तरफ ध्यान दे रहे हैं। इसका कारण है बढ़ता तनाव और कई तरह की बीमारियां। वहीँ बढ़ती उम्र के साथ-साथ व्यक्ति के जीवन में परेशानियां भी बढ़ती हैं। जिस वजह से वे मानसिक तनाव का शिकार हो जाता है। लेकिन इससे बचने के लिए खुद को पॉजिटिव रखना बेहद जरुरी है। ऐसे में एक अभ्यास है जिसे जिसकी प्रैक्टिस कर आप खुद को इससे बचा सकते हैं। दरअसल मेडिटेशन यानी ध्यान लगाने का अभ्यास आपको कई चीजों से बचा सकता है। भारत में आज से नहीं बल्कि कई सालों से ध्यान की परंपरा चली आ रही है। हजारों सालों से लोग कई वजहों से मेडिटेशन करते आ रहे हैं। इसमें दार्शनिक और धार्मिक वजह भी शामिल हैं।
इसे लेकर कई तरह के टेस्ट किये गये हैं
दुनिया के कई वैज्ञानिकों ने मेडिटेशन प्रोसेस के कई तरह के टेस्ट किए हैं। वहीँ स्टडी में पाया गया है कि मेडिटेशन करने वालों के दिमाग और सेहत ज्यादा बेहतर तरीके से काम करता हैम बजाय एक ऐसे आदमी के , जो मेडिटेशन नहीं करता है। लेकिन यहां सवाल ये है कि मेडिटेशन करने वालों के दिमाग में ऐसा क्या बदल जाता है।
दिमाग नहीं भटकता
दरअसल एक टेस्ट किया गया जिसमे कुछ लोगों को विशेष तरह का फोन दिया गया। पूरे दिन में उनसे कुछ सवाल पूछे गए। फाइनल रिपोर्ट में पाया गया कि लगभग 47% समय लोगों का दिमाग भटकता रहता है। यानी व्यक्ति कर कुछ रहा होता है, लेकिन दिमाग में तस्वीर कुछ और ही चल रही होती है। यही भटका हुआ मन न खुशी पैदा करता है और न दर्द। एक तरीके से देखा जाए तो हमारा ही दिमाग हमारा दुश्मन बन जाता है। वहीँ मेडिटेशन प्रैक्टिस एक ऐसा प्रोसेस है जिसे लंबे समय तक करने से फायदा मिलता है। जो मेडिटेट करने की शुरुआत कर रहे हैं, उन्हें 8 हफ्ते इसका असर दिखने में लगता है।
स्टडीज में क्या मिला
बता दें मेडिटेशन करने से दुश्मन दिमाग, दोस्त बनने लगता है। भटके हुए मन को एक जगह एकाग्र करने में मदद मिलती है। मेडिटेशन का असर जानने के लिए साइंटिस्ट ने कई स्टडीज की है। इसमें सामने आया कि जो लोग मेडिटेशन करते हैं उनके दिमाग में स्ट्रेस ज्यादा समय तक टिकता नहीं है। यानी वो ज्यादा फोकस्ड रहते हैं। वो अपने जीवन में होने वाली छोटी-छोटी निगेटिव बातों पर ज्यादा ध्यान नहीं देते हैं, जिससे वो फोकस में बने रहते हैं। दिमाग पर पड़ता है असर
मेडिटेशन हमारी बुद्धि में एक और अहम भूमिका निभाता है। एक स्टडी में पाया गया है कि जो बच्चे मेडिटेशन करते हैं उनका दिमाग ज्यादा अच्छे से काम करता है। उन्हें इसका लाभ उनकी पढ़ाई में मिलता है। जब बच्चे कुछ भी याद करते हैं तो उन्हें वे लंबे समय तक याद रहती हैं। इसके अलावा मेडिटेशन से व्यक्ति का डिसीजन मेकिंग भी अच्छा होना शुरू हो जाता है।
सोशल बिहेवियर बेहतर
बता दें मेडिटेशन व्यक्ति के सोशल बिहेवियर को बेहतर बनाने का काम करता है। ऐसा भी माना गया है कि मेडिटेशन से व्यक्ति के दिमाग के अंदर के सेल्स जो दया, हमदर्दी, और लर्निंग से जुड़े होते हैं, वो ज्यादा बेहतर तरीके से काम करने लगते हैं।
