आज कल जहां एआई का डंका पूरी दुनिया में बजा हुआ है वहीँ उसका असर भारत की स्वास्थ्य सेवा पर भी नजर आ रहा है। जी हां हाल ही में छाती और पेट की सर्जरी के बाद मरीज के फेफड़े के संक्रमण को रोकने के लिए एम्स और दिल्ली आईआईटी का एआई प्रिडिक्शन मॉडल बनने जा रहा है जो आने वाले समय में काफी मददगार साबित होगा। इन गंभीर सर्जरी के बाद मरीज को पोस्ट-ऑपरेटिव पल्मोनरी जटिलताएं (पीपीसी) होने की आशंका अधिक रहती हैं। ऐसे एआई की मदद से पीपीसी की जटिलताओं को कम करने में मदद मिलेगी।

Advance में ही मिलेगी जानकारी

कई बार मरीज देखने में काफी समय लग जाता है, ऐसे में समय पर आंकलन न हो पाने के कारण स्थिति गंभीर हो होने लगती है। वहीँ ये तकनीक 24 से 48 घंटे पहले ही मरीज की ब्लड रिपोर्ट, क्लीनिकल रिपोर्ट, मेडिकल हिस्ट्री व अन्य का विश्लेषण कर डॉक्टर को advance ही बता देगी। आंकलन के आधार पर मरीज को जरूरत के अनुसार, आईसीयू या वेंटिलेटर सपोर्ट, फिजियोथेरेपी, इलाज में बदलाव या विशेष उपचार सहित अन्य सुविधाएं समय से पूर्व दी जा सकेंगी।

मॉडल विकसित होने का आधार क्या है

बता दें एक्सपर्ट्स के मुताबिक पेट और छाती की सर्जरी गंभीर श्रेणी में आती है। सर्जरी के बाद मरीज को पीपीसी होने की आशंका काफी अधिक रहती है। इसके कारण कई बार मरीज की स्थिति काफी गंभीर हो जाती है और उसे बचा पाना मुश्किल हो जाता है। ऐसे मरीजों को ध्यान में रखते हुए इस मॉडल को विकसित किया गया है।

एम्स ने किया कमाल

एम्स के एनेस्थीसिया विभाग के डॉक्टर सौविक मैत्रा के मुताबिक आईआईटी दिल्ली से डॉ. अमित मेहंदीरत्ता के सहयोग से गंभीर देखभाल और आपातकालीन देखभाल के लिए एआई प्रिडिक्शन मॉडल डेवेलप करने की तैयारी है। शुरुआती चरण में इस मॉडल का परीक्षण 450 मरीजों पर होगा। वहीँ जिन मरीजों की छाती व पेट की सर्जरी होती है उनके शुरुआती परिणाम बेहतर मिल पाएंगे। ऐसे में मरीज की स्थिति खराब न हो इसके लिए ये काफी मददगार साबित होगी।

जल्दी ही मॉडल अपडेट होगा

आपको बता दें जो विश्लेषण के आधार पर अध्ययन हो रहा है उसे जल्द प्रकाशित किया जाएगा। साथ ही मॉडल को और अपडेट करने के लिए भविष्य में 500 अतिरिक्त मरीज पर इसका परीक्षण होगा। ताकि किसी भी गलती की आशंका को खत्म किया जा सके। मौजूदा समय में इस मॉडल की मदद से मरीज का आंकलन आसान हुआ है। साथ ही ऐसा होने के बाद मरीज की स्थिति को गंभीर होने से बचाया जा सकेगा।

मॉडल ऐसे करेगा आकलन

एआई प्रिडिक्शन मॉडल में मरीज की ब्लड रिपोर्ट, क्लीनिकल रिपोर्ट, मेडिकल हिस्ट्री सहित अन्य जानकारी अपलोड की जाएगी। मॉडल मिली जानकारी के आधार पर आंकलन कर बताएगा कि अगले 24 या 48 घंटे में मरीज की हालत में गिरावट हो सकती है या नहीं।

भविष्य के लिए तैयार होगा एप

अध्ययन के दूसरे चरण में आगे चलकर एप विकसित किया जाएगा। यह एप एआई प्रिडिक्शन मॉडल का अपडेट वर्जन होगा।

By tnm

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